विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UGC के खिलाफ खुलकर विरोध, हापुड़ में लगे भाजपा नेताओं के लिए 'नो-एंट्री' पोस्टर

Published: Wed, 28 Jan 2026 03:56 PM (IST)

पूरे देश में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज विरोध कर रहा है। हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में भी सवर्ण वर्ग ...और पढ़ें

यूजीसी के खिलाफ हापुड़ में विरोध बढ़ रहा है। जागरण

यूजीसी के खिलाफ हापुड़ में विरोध बढ़ रहा है। जागरण

HighLights

  1. हापुड़ में सवर्ण समाज का यूजीसी के खिलाफ विरोध

  2. बक्सर गांव में भाजपा नेताओं की एंट्री पर रोक के पोस्टर

  3. सवर्ण समाज 1 फरवरी को बाजार बंद करने की तैयारी में

संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। यूजीसी को लेकर पूरे देश में सवर्ण समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में क्षेत्र में सवर्ण वर्ग ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालने के साथ ही निर्णायक लड़ाई को लेकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बक्सर में करीब 150 से अधिक घरों पर भाजपा को वोट नहीं देने के पर्चे चिपका दिए हैं।

गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज के लोग रणनीति बनाने में जुट गए है। यूजीसी के विरोध में सवर्ण वर्ग विभिन्न नारे एवं कमेंट लिखकर सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। इसी के साथ एक फरवरी को बाजार बंद करने का ऐलान करते हुए रणनीति बनानी शुरू कर दी गई।

इसके अतिरिक्त पिछले चार दिनों से बक्सर गांव में करीब 150 से अधिक परिवारों ने अपने घरों के बाहर भाजपा नेताओं के खिलाफ पोस्टर चश्पा कर दिए है। इन पोस्टरों में लिखा है कि भाजपा नेता वोट मांगने न आएं, यह सवर्ण समाज का घर है। सवर्ण एगेंस्ड बीजेपी एंड यूजीसी।

बता दें कि बक्सर गांव भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां के युवा एवं हिंदू परिवार भाजपा के कट्टर समर्थक माने जाते रहे हैं और सपा, बसपा सरकार में भी उन्होंने भाजपा एवं हिंदुत्व के लिए कार्य किया था, जिसमें से अनेक लोग जेल तक गए थे और अनेकों मुकदमों का सामना किया था। ऐसे में यूजीसी का नियम आने के बाद वह भाजपा से अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- मातम में बदलीं खुशियां... तीन दिन पहले पिता बने दिल हसन की हादसे में मौत; सदमे में पत्नी और परिजन

इसके लिए यहां के युवाओं ने वाट्सएप ग्रुप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लेकर यूजीसी के खिलाफ अपनी जंग छेड़ दी है। इसके अतिरिक्त कुछ गांवों में यूजीसी के खिलाफ गोपनीय रूप से बैठक कर अग्रिम रणनीति बनानी शुरू कर दी गई है।