नवरात्र का तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा के जयकारों से गूंजे मंदिर परिसर, पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में उमड़ी भीड़
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन हापुड़ के मंदिरों में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ...और पढ़ें

श्रद्धालुओं ने लिया मां चंद्रघंटा का आशीर्वाद
HighLights
हापुड़ में नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा
श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की प्रार्थना
मंदिरों में उमड़ी भीड़, पुलिस ने संभाली व्यवस्था
संवाद सहयोगी, हापुड़। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु सुबह तीन बजे मंदिर पहुंचे और कपाट खुलने का इंतजार करने लगे।
4 बजे कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। घरों से लेकर मंदिरों तक भक्तिमय माहौल रहा।
मस्तक पर घंटे का आकार
पंडित केसी पांडेय ने कहा कि मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। सिंह पर सवार देवी की दस भुजाएं विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए हैं। उनका स्वरूप साहस, शौर्य और निर्भीकता का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की उपासना से भय और नकारात्मकता दूर होती है। भक्त पुष्प, फल और मिष्ठान अर्पित कर जीवन में शांति, आत्मबल व सकारात्मकता की प्रार्थना करते हैं। पूजन के बाद आरती और मंत्रोच्चार के साथ देवी का गुणगान किया।
उन्होंने बताया कि नवरात्र में प्रत्येक तिथि का अपना धार्मिक महत्व है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की साधना मन को एकाग्र करने, साहस बढ़ाने और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देती है। यह पर्व बुराइयों का त्याग कर सत्य, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश भी देता है।
श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाने की कर रहे अपील
श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हुए हैं। मंदिरों के बाहर पुलिस तैनात है और अंदर सादा कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की हुई है। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की मंगलकामना की।
चंडी मंदिर कमेटी के महामंत्री मोहित जैन ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने व बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील भी की जा रही है।
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