आज करें मां चंद्रघंटा की आराधना, बढ़ेगी सौम्यता और विनम्रता
सोनीपत में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर धैर्य, एकाग्रता और सहनशीलता का आशीर्वाद ...और पढ़ें

पजा-अर्चना करते श्रद्धालु, जागरण।
HighLights
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा।
भक्तों ने धैर्य, एकाग्रता और सहनशीलता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से दूर होंगी बाधाएं।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शहर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को भक्तों ने माता के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जीवन में धैर्य, एकाग्रता और सहनशीलता का आशीर्वाद मांगा।
शहर के कामी रोड स्थित काली माता मंदिर, माडल टाउन स्थित नवदुर्गा मंदिर में विशेष पूजा आयोजित की गई। वहीं, शाम को शहर स्थित चिटाने वाली माता मंदिर में आरती का भव्य आयोजन किया गया।
मां चंद्रघंटा की पूजा से दूर होंगी बाधाएं
पंडित अमित शौनक ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इनकी पूजा करने से वीरता-निर्भरता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होता है। इनकी पूजा से मुख, नेत्र तथा शरीर की कांति बढ़ने लगती है। स्वर दिव्य और मधुर होने लगता है।
मां चंद्रघंटा की पूजा करने वालों को शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से हर तरह के पाप और सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही हो जाता है। देवी चंद्रघंटा की कृपा से पराक्रम बढ़ता है।
संयम, साधना और संकल्प का पावन संदेश
कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ समिति ने नवरात्र पर पूजा-अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। समिति ने प्रार्थना की है कि मां सभी को मन की शांति, विचारों की पवित्रता और जीवन में सद्मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।
