विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

15 साल का हुआ हापुड़, फिर भी अधूरा है विस्तार का सपना; मेरठ-बुलंदशहर के 116 गांवों का इंतजार

Published: Sun, 27 Sep 2026 06:29 PM (IST)

हापुड़ जिला अपनी 15वीं वर्षगांठ मना रहा है और विकास के बावजूद अपने विस्तार की मांग कर रहा है। जिला ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. हापुड़ जिला 15 साल का हुआ, विकास के बावजूद विस्तार चाहता है।

  2. मेरठ और बुलंदशहर के गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन में लंबित है।

  3. उच्च शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है।

ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। मैं हापुड़ बोल रहा हूं... दिल की कुछ सलवटें आपसे खोल रहा हूं। आज मेरा जन्मदिन है। पूरे 15 साल का हो चुका हूं। इस सफर में राजनीति, शिक्षा, पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है।

जन्म के दो साल बाद ही मेरा नाम बदल दिया गया, लेकिन नाम बदलने के बाद भी मैंने अपनी विकास यात्रा जारी रखी। अब बाल्यकाल से निकलकर किशोरावस्था की ओर बढ़ रहा हूं। ऐसे में दिल में एक पुरानी कसक अब भी है।

मुझको चाहिए विस्तार 

मेरा जन्म 28 सितंबर 2011 को हुआ था। बचपन में मेरा नाम पंचशीलनगर रखा गया। दो साल बाद नामकरण बदला और मैं हापुड़ बन गया। मेरे भाई गाजियाबाद ने तो अपना हिस्सा मुझे दे दिया, लेकिन मेरठ और बुलंदशहर से मिलने वाला हिस्सा आज भी इंतजार में है।

प्रस्ताव था कि मेरठ के खरखौदा विकासखंड के 27 गांव और बुलंदशहर के 89 गांव मेरे हिस्से में आएंगे। इन गांवों के शामिल होने से मेरा क्षेत्रफल बढ़ेगा और विकास की योजनाओं को भी विस्तार मिलेगा। मगर साल दर साल गुजरते गए और मेरा इंतजार खत्म नहीं हुआ।

यह भी पढ़ें- हापुड़ में सवर्ण समाज का यूजीसी नियमों और एससी-एसटी कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन

यह भी पढ़ें- हापुड़ में हाईवे पर फर्राटा भरती रफ्तार बन रही काल, 209 मौतों के बाद भी कागजों में सिमटी रोड सेफ्टी

ऐसा नहीं है कि मैंने इन 15 वर्षों में कुछ हासिल नहीं किया। मेरे ब्रजघाट को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में कदम बढ़े हैं। प्रदेश का सबसे छोटा जिला होने के बावजूद उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में मैंने अपनी क्षमता दिखाई है। फिर भी जन्मदिन पर सिर्फ अपनी उपलब्धियां गिनाकर मैं खुश नहीं हो सकता।

मेरी कुछ जरूरतें भी हैं। उच्च शिक्षा के बड़े संस्थान चाहिए, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं चाहिए और पर्यटन के लिए ऐसी सुविधाएं चाहिए, जिनसे ब्रजघाट और गढ़मुक्तेश्वर आने वाला श्रद्धालु सिर्फ कुछ घंटे नहीं, बल्कि ठहरकर मेरी खूबसूरती देखे।

“जिले के विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उसका रिमाइंडर भी भेज दिया गया है। अभी तक शासन से कोई निर्णय नहीं हुआ है। शासन से निर्देश प्राप्त होते ही विस्तारीकरण का कार्य कर लिया जाएगा।”
— कविता मीना, जिलाधिकारी, हापुड़
हापुड़ और बुलंदशहर की वर्तमान तुलनात्मक स्थिति
मानक हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 1,11,763 हेक्टेयर 3,64,974 हेक्टेयर
कुल तहसीलों की संख्या 3 7
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या 354 1,255
कुल लेखपाल क्षेत्रों की संख्या 115 337
विकास खंडों की संख्या 4 16
स्याना तहसील के हापुड़ में शामिल होने के बाद संभावित स्थिति
मानक हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 1,74,099 हेक्टेयर 3,02,638 हेक्टेयर
कुल तहसीलों की संख्या 4 6
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या 538 1,071
कुल लेखपाल क्षेत्रों की संख्या 172 280
विकास खंडों की संख्या 7 13