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हापुड़ में 8 करोड़ का नाला बना जी का जंजाल, जमीन से 2 फीट ऊंचा निर्माण; बारिश में डूब जाएंगी कई कॉलोनियां

Published: Tue, 12 May 2026 02:39 PM (IST)

हापुड़ के गढ़ रोड पर बन रही मुख्य ड्रेनेज लाइन कॉलोनियों से ऊंची होने के कारण बारिश में भीषण जलभराव ...और पढ़ें

सड़क से ऊंचा बन रहा नाला, कैसे होगी जल निकासी। फोटो: जागरण

सड़क से ऊंचा बन रहा नाला, कैसे होगी जल निकासी। फोटो: जागरण

HighLights

  1. गढ़ रोड पर ड्रेनेज लाइन कॉलोनियों से दो फीट ऊंची

  2. बारिश में आधा दर्जन कॉलोनियों में जलभराव की आशंका

  3. जिम्मेदार विभाग तकनीकी खामी पर ध्यान नहीं दे रहे

जागरण संवाददाता, हापुड़। बरसात से पहले शहर को जलभराव से राहत दिलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गढ़ रोड क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक काॅलोनियों के लोगों के सामने इस बार भी बारिश आफत बनने जा रही है।

मुख्य ड्रेनेज लाइन को काॅलोनियों के स्तर से करीब दो फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, जिससे निचले इलाकों का पानी निकासी तंत्र तक पहुंच ही नहीं पाएगा। स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर तकनीकी खामी पर ध्यान नहीं दे रहे।

यहां पर कि पीडब्ल्यूडी के एक्सपर्ट की आपत्ति पर भी ठेकेदार और जिम्मेदार लंबी तानकर सो रहे हैं। ऐसे में जलभराव व संक्रमण की मार झेल रही काॅलोनियों के लोगों की चिंता और बढ़ने लगी है। मुख्य ड्रेनेज लाइन ऊंचाई पर बनने से पानी निकासी पर संकट मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों ने डिजाइन में बदलाव करके वैकल्पिक निकासी की मांग उठाई है, लेकिन एचपीडीए ने इसको सिरे से खारिज कर दिया है।

पहले भी गलत निर्माण से हो चुकी परेशानी

अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत तथा बेड इंजीनियरिंग की बानगी देखनी हो तो गढ़ रोड पर सीएचसी की साइड के नाले पर गौर कीजिए। यह नाला नगर पालिका द्वारा दो बार बनवाया गया।

एक बार इसका लेवल ही उल्टा कर दिया गया, जिसमें पानी जा ही नहीं पाया। उसके बाद दोबारा से बजट आवंटित करके इसका निर्माण कराया गया। तब ठेकेदार ने इसका निकास ही कहीं पर नहीं दिया। ऐसे में नाले में पानी तो जाता है, लेकिन आगे निकल नहीं पाता है।

ऐसे में आठ साल से नाले का पानी पंप से खींचकर दूसरी ओर के नाले में डाला जा रहा है। अब यही हाल दूसरी साइड में बन रहे नाले का भी होने जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा इस नाले के निर्माण के लिए आठ करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

आठ करोड़ खर्च के बाद भी नहीं दिख रहा समाधान

अब एचपीडीए के इंजीनियर की अनदेखी और निर्माण करा रहे ठेकेदार की मनमानी से ऐसा नाला तैयार हो रहा है, जिससे सड़कों पर जलभराव की मार झेलने के लिए शहर को तैयार रहना होगा।

इसके लिए शहर विधायक विजयपाल आढ़ती के प्रयास से एचपीडीए ने आठ करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। उससे नाले का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी जल निकासी संभव नहीं है।

बिंदु विवरण
लाइनपार में काॅलोनियां 12
लाइनपार की आबादी करीब तीन लाख
प्रमुख प्रतिष्ठान डीएम आवास, अनाज मंडी, सीएचसी व प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान
आवागमन रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहन
समस्या पिछले 20 साल से
जलभराव का समय पूरे साल
नाला निर्माण तीन बार
निकासी में सफलता नहीं मिली

साल दर साल, समस्या वही

शहर के गढ़ रोड पर लाइनपार क्षेत्र के लोगों की सबसे प्रमुख समस्या जलभराव की है। यहां पर लोगों को पूरे साल जलभराव का सामना करना पड़ता है। लोगों ने परेशान होकर घर खाली करने आरंभ कर दिए हैं। कई परिवार अपना घर छोड़कर दूसरी काॅलोनियों में किराए पर रह रहे हैं।

वहीं कई लोगों ने अपने घरों को ऊंचा उठवाना आरंभ कर दिया है। ताकि पानी घरों के अंदर तक नहीं पहुंचे। यहां के लोग साल दर साल जल निकासी की ही मांग करते रहे हैं, उसके बावजूद राहत नहीं मिली। क्षेत्र में संक्रामक रोगों की भरमार है।

काॅलोनियों की बात तो दूर, बनाए जा रहे नाले से होकर सड़कों का पानी भी नहीं निकलेगा। नाला निर्माण करा रहे ठेकेदार की मनमानी से सड़क को एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। एचपीडीए और ठेकेदार द्वारा न तो कोई एनओसी ली गई है और न ही जारी किए गए नाेटिस का उत्तर दिया गया है। हम पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज रहे हैं।

- मुकुल नागपाल- एसडीओ - पीडब्ल्यूडी।

काॅलोनियों के स्तर से नाला आठ इंच नीचा है। ऐसे में जलभराव नहीं होगा। गढ़ मार्ग की मुख्य सड़क का स्तर वास्तव में नाले से ऊंचा है, ऐसे में सड़क को तो दोबारा से बनाना ही पड़ेगा। नाला निर्माण मानक के अनुसार कराया जा रहा है।

- गुड्डू कुमार सिंह- निर्माण ठेकेदार।

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