इंडेन कंपनी की सेल्स ऑफिसर पर होगी कार्रवाई, सरकार को भेजी रिपोर्ट
हापुड़ में इंडेन की सेल्स अफसर प्रिया अग्रवाल पर सिलेंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच में 2300 ...और पढ़ें

डॉ. सीमा बालियान, जिला पूर्ति अधिकारी, हापुड़।
HighLights
इंडेन सेल्स अफसर प्रिया अग्रवाल पर कालाबाजारी का आरोप।
प्रारंभिक जांच में 2300 सिलेंडरों की बड़ी गड़बड़ी मिली।
राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी कार्रवाई की रिपोर्ट।
जागरण संवाददाता, हापुड़। इंडेन कंपनी की सेल्स अफसर पर सिलिंडरों की कालाबाजारी करने का आरोप लगा है। प्रशासन द्वारा एक दिन की जांच में सामने आया कि सेल्स अफसर प्रिया अग्रवाल ने 800 कमर्शियल और 15 सौ घरेलू सिलिंडर की कालाबाजारी कराई है। उसके बाद डीएसओ ने 10 दिन का रिकार्ड उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों को आशंका है कि 20 हजार से ज्यादा सिलिंडर की कालाबाजारी की गई है। इसके चलते सेल्स अफसर की ओर से अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजकर गुमराह किया जाता रहा। एजेंसियों पर सिलिंडर नहीं होने और अधिकारियों के रिकॉर्ड में भंडारण होने से अजीब हालात पैदा हो गए। इससे जिले में अराजकता की स्थिति उत्पन्न होने की स्थिति बन गई।
जानकारी मांगने पर सेल्स अफसर द्वारा डीएसओ और एक पुलिस सीओ सहित चार अधिकारियों से बदसलूकी की गई। वहीं भारी भीड़ हो जाने पर टकराव की स्थिति उत्पन्न होने पर एजेंसी संचालक को खुद से निपटने की बात कहकर मोबाइल स्विच आफ कर लिया था। उसके बाद जांच आरंभ की गई थी।
प्रारंभिक जांच में ही 23 सौ सिलिंडर का घपला सामने आने पर जिला स्तर पर जांच टीम का गठन किया गया है। वहीं आरोपित सेल्फ अफसर पर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई है। प्रदेश सरकार की ओर से अब केंद्र सरकार को घपले की जानकारी भेजी जाएगी। इसके साथ ही सभी कंपनियों की सिलिंडर सप्लाई की दस दिन की रिपोर्ट मांगी गई है।
ऐसे सामने आया था घपला
पिलखुवा क्षेत्र में पुलिस का प्रशिक्षण चल रहा था। उसके लिए रामस्वरूप एजेंसी से नियमित रूप से घरेलू सिलिंडर दिए जा रहे थे। उसके साथ ही 28 व 29 मार्च को एजेंसी द्वारा सिलिंडर नहीं दिए गए। एजेंसी संचालक द्वारा बताया गया कि उसके यहां पर स्टाक में सिलिंडर हैं ही नहीं।
अधिकारियों ने कंपनी द्वारा दिया गया स्टाक चेक किया तो एजेंसी पर दो सौ से ज्यादा सिलिंडर दिख रहे थे। इसकी जानकारी सीओ पिलखुवा व डीएसओ द्वारा डीएम को दी गई। उसके बाद तत्काल टीम बनाकर भौतिक सत्यापन कराया गया। एजेंसी संचालक द्वारा दी गई रिपोर्ट सही निकली। अधिकारियों ने पाया कि एजेंसी के अधिकारी गुमराह कर रहे हैं।
इस पर 29 मार्च की शाम को जिले में इंडेन कंपनी की सभी एजेंसियों का एक दिन का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया। देर रात तक चले सत्यापन में बड़ा घपला सामने आया। इंडेन की जिले में सबसे ज्यादा 15 एजेंसी हैं। इनमें से 13 लगभग ड्राई की कंडीशन में मिलीं। जबकि इन पर भरपूर मात्रा में सिलिंडर का स्टाक दिखाया गया था।
वहीं शहर की एजेंसी प्रिया पर भंडारण क्षमता से भी ज्यादा सिलिंडर मिले। अधिकारियों का मानना है कि यहां से सिलिंडर की कालाबाजारी की जा रही थी। इस जांच में 23 सौ सिलिंडर की गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
इंडेन कंपनी की एजेंसियों पर 29 मार्च को जांच कराई गई थी। उसमें 23 सौ सिलिंडर का घपला मिला है। इंडेन की सेल्स अफसर प्रिया अग्रवाल के पास इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं है। इस घपले की रिपोर्ट डीएम को सौंपने के साथ ही 10 दिन की सिलिंडर आपूर्ति और वितरण की रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम के माध्यम से इंडेन कंपनी की सेल्स अफसर के खिलाफ शासन के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई हैं। प्रदेश शासन से घपले की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
- डॉ. सीमा बालियान- जिला पूर्ति अधिकारी।
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