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सात समंदर पार से भी गढ़ गंगा में होगा तर्पण! 100 रुपये से शुरू होगी वर्चुअल दीपदान सेवा

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:17 PM (IST)

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले में अब श्रद्धालु घर बैठे वर्चुअल तर्पण और दीपदान कर सकेंगे। जिला ...और पढ़ें

हापुड़ में लगा गढ़ गंगा मेला।

हापुड़ में लगा गढ़ गंगा मेला।

ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गढ़मुक्तेश्वर के गंगा मेले में तर्पण और दीपदान की धार्मिक परंपरा अब देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी निभा सकेंगे। जिला पंचायत इस बार मेले में नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए वर्चुअल तर्पण और दीपदान की सुविधा शुरू करने की तैयारी में है।

इसके माध्यम से श्रद्धालु कहीं से भी ऑनलाइन बुकिंग और शुल्क जमा कर अपने स्वजन के नाम से गंगा मेले में विधि-विधानपूर्वक तर्पण और दीपदान करा सकेंगे।

जिला पंचायत की ओर से इसके लिए पुरोहितों की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित श्रद्धालु की ओर से पुरोहित संकल्प कराकर निर्धारित विधि के अनुसार तर्पण और दीपदान की समस्त धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराएंगे। इससे ऐसे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, जो किसी कारणवश कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गढ़ गंगा मेले में स्वयं नहीं पहुंच पा रहे हैं।

ऑनलाइन होगी बुकिंग सुविधा

इस सुविधा को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था होगी। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क ऑनलाइन ट्रांसफर कर सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

तर्पण और दीपदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी संबंधित श्रद्धालु को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वह घर बैठे धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता महसूस कर सके। जिला पंचायत स्तर पर इसकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुविधा शुरू होने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी गंगा मेले से सीधे जुड़ सकेंगे।

गढ़मुक्तेश्वर में बनेगा कंट्रोल रूम-कॉल सेंटर

कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में वर्चुअल तर्पण और दीपदान की सुविधा के संचालन के लिए गढ़मुक्तेश्वर शहर में कंट्रोल रूम व काल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां से ऑनलाइन बुकिंग, शुल्क जमा होने और तर्पण-दीपदान की प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

मेला क्षेत्र में फाइबर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर रहे और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन सुविधा लेने में परेशानी न हो। कंट्रोल रूम के माध्यम से पुरोहितों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय भी किया जाएगा।

तर्पण और दीपदान की प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग कर संबंधित श्रद्धालु तक पहुंचाने की व्यवस्था भी यहीं से संचालित होगी। इससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु मेले से जुड़ सकेंगे।

बुकिंग GARHGANGAMELA.COM पर

वर्चुअल तर्पण और दीपदान की सुविधा का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को GARHGANGAMELA.COM पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। बुकिंग के दौरान निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा किया जा सकेगा। इसके बाद जिला पंचायत के पुरोहित संबंधित श्रद्धालु या उनके स्वजन के नाम से संकल्प कराकर गंगा मेले में विधि-विधानपूर्वक तर्पण और दीपदान कराएंगे।

अनुष्ठान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी वीडियो रिकार्डिंग संबंधित श्रद्धालु को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले में स्वयं पहुंचे बिना भी धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो सकेंगे। कार्य के हिसाब से दक्षिणा 100 से 1100 रुपये तक निर्धारित की गई है।

समय के साथ गंगा मेला का स्वरूप भी बदल रहा है। हम देश-विदेश में बैठे लोगों की वर्चुअल उपस्थिति में तर्पण और दीपदान-पूजन कराएंगे। इसके लिए दक्षिणा भी बहुत ज्यादा नहीं है। उम्मीद है लोगों को यह नई व्यवस्था पसंद आएगी।
- शिशुपाल शर्मा, उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला पंचायत।

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