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दूसरे जिलों में लूटपाट कर हापुड़ में सामान्य जिंदगी जीता था रजा मोहम्मद, मुठभेड़ में अंत के बाद खुली पूरी कुंडली

Published: Sun, 24 May 2026 11:57 PM (IST)

अलीगढ़ मुठभेड़ में मारा गया रजा मोहम्मद एक शातिर लुटेरा और चोर था, जिस पर कुल 37 मुकदमे दर्ज थे। ...और पढ़ें

हिस्ट्रीशीटर रजा मोहम्मद।

हिस्ट्रीशीटर रजा मोहम्मद।

HighLights

  1. अलीगढ़ मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात अपराधी रजा मोहम्मद।

  2. पुलिस रिकॉर्ड में 37 मुकदमे दर्ज, हिस्ट्रीशीट खुली थी।

  3. अपने क्षेत्र में शरीफ बनकर लोगों को भ्रमित करता था।

जागरण संवाददाता, सिंभावली (हापुड़)। अलीगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रजा मोहम्मद शातिर लुटेरा और चोर था। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या एचएस-120 ए को 2018 में खोला था। तब तक उस पर विभिन्न थानों में 26 अभियोग दर्ज थे।

हिस्ट्रीशीट खुल जाने के बावजूद उसके अपराध करने में कोई नहीं आई। उसने 2018 के बाद भी उसके खिलाफ 11 अभियोग पंजीकृत किए गए। उसने जिले में किसी आपराधिक वारदात काे अंजाम नहीं दिया। उसके चार अन्य भाई अली माेहम्मद , इंतजार, नूर मोहम्मद व उमर मोहम्मद तथा एक बहन भी मोहम्मद है। उसकी पत्नी शमीना परिवार के साथ अलीगढ़ के लिए रवाना हो गई है।

शरीफ बनकर रहता था

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रजा मोहम्मद की आपराधिक दुनिया काफी लंबी रही है। अपने क्षेत्र में वह खुद को शरीफ और शांत स्वभाव का व्यक्ति बताकर रहता था, लेकिन पुलिस रिकार्ड में वह शातिर लुटेरा और डकैत के रूप में दर्ज था। उसके खिलाफ ज्यादातर मुकदमे बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, अमरोहा व मुरादाबाद जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज थे। हालांकि पु लिस का मानना है कि उसके अपराध के सापेक्ष आधे अभियोग भी पंजीकृत नहीं हो पाते थे। उसने सबसे ज्यादा अपराध बुलंदशहर जिले में किया। एक समय उसके भय से लोगों ने शाम के बाद गंगा नहर की पटरी से होकर निकलना भी बंद कर दिया था।

पुलिस ने बताया कि रजा मोहम्मद बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। वह दूसरे जिलों में जाकर चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता और फिर अपने क्षेत्र में सामान्य व्यक्ति की तरह रहकर लोगों को भ्रमित करता था। स्थानीय लोगों को भी उसके आपराधिक इतिहास की ज्यादा जानकारी नहीं थी।

कई मामलों में था वांछित

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रजा मोहम्मद लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और कई मामलों में वांछित चल रहा था। हालांकि हापुड़ जिले में उसके खिलाफ किसी बड़ी आपराधिक वारदात का मामला दर्ज नहीं था। अलीगढ़ में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी सामने आने पर क्षेत्र के लोग भी हैरान हैं। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य अपराधियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

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