Gen Z के बाद Gen Alpha ने की आवाज बुलंद...स्कूल की सड़क के लिए हमीरपुर-महोबा और उन्नाव में सड़कों पर उतरे, कलेक्ट्रेट घेरा
Gen Alpha का आक्रोश दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। अव्यवस्था के खिलाफ उनकी मांग तेज हो गई है। ...और पढ़ें
HighLights
हमीरपुर में 11 अगस्त को हुए प्रदर्शन के बाद अब तीन और गांवों के बच्चे व ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर धरना
उन्नाव में सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय के 250 छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन, पिटाई व अव्यवस्था का आरोप
महोबा में सड़क खराब होने से स्कूल न जाने पाने की समस्या लेकर बारिश में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। यूपी में Gen Z के बाद Gen Alpha की आवाज लगातार बुलंद होती जा रही है। जंतर मंतर में जेन जी के प्रदर्शन के बाद अब जेन अल्फा अव्यवस्था के खिलाफ मुखर हो चुकी है। फतेहपुर, लखनऊ के बाद हक की आवाज हमीरपुर से उन्नाव, महोबा तक पहुंच गई। बुधवार को तीनों जिलों में छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
लगातार हो रही बरसात विकास कार्यों के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। हमीरपुर में 11 अगस्त को चंदूपुर गांव समेत आसपास के मजरों के स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय में घुसने का प्रयास किया था। वहीं बुधवार को विकासखंड कुरारा के बचरौली, भौली और जमरेही तीर गांव के भी ग्रामीण व बच्चे चार किमी. की बदहाल सड़क को दुरुस्त कराने की मांग को लेकर हमीरपुर आ रहे थे। जिन्हें पुलिस ने हमीरपुर के सिटी फारेस्ट के पास रोक लिया।
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कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं व ग्रामीण। जागरण
कलेक्ट्रेट का घेराव कर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे
ग्रामीणों की पुलिस कर्मियों से नोकझोक भी हुई और ग्रामीण व बच्चे बंधे से होते हुए शहर की गलियों में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्ट्रेट का घेराव कर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों व बच्चों की एक ही मांग थी कि डीएम उनसे मिलें और उनके गांव की सड़क बनाई जाए। ताकि बच्चे स्कूल पहुंच सके और वह अपना भविष्य संवार सकें। करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट में चले प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों के साथ टीम को गांव रवाना किया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया।

कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे बच्चों व ग्रामीणों की बात सुनते एडीएम राकेश कुमार व एएसपी अरविंद कुमार वर्मा। जागरण
पुलिस ने रोका तो गलियों से कलेक्ट्रेट पहुंच गए
बुधवार को एक बार फिर से जेन अल्फा का प्रदर्शन हमीरपुर में देखने को मिला। विकासखंड कुरारा के बचरौली, भौली और जमरेही तीर गांव के बच्चों व ग्रामीणों को रोकना पुलिस को महंगा पड़ गया और आक्रोशित स्कूली बच्चे और ग्रामीण शहर की गलियों से होते हुए कलेक्ट्रेट जा पहुंचे और वहां पर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद दी।

अधिकारियो ंसे बातचीत करता ग्रामीण। जागरण
दलदल से होकर जाना पड़ता स्कूल
प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने बताया कि बरसात में जमरेही तीर से लेकर भौली गांव तक स्कूल पढ़ने जाना मुश्किल हो जाता है। दलदल वाले रास्ते से होकर उन्हें गुजरना पड़ता है। जिसके कारण उनकी ड्रेस गंदी हो जाती है और कभी कभार बच्चे दलदल में गिरकर घायल भी हो जाते हैं।

गर्मी से बेहाल मासूम। जागरण
एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती
बच्चों ने बताया कि बरसात में रास्ता दलदल होने के कारण कई दिनों तक वह स्कूल भी नहीं जा पाते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई चौपट हो रही है, जिसके कारण उनके सपने नहीं पूरे हो पा रहे हैं। गांव की बदहाल सड़क उनकी पढ़ाई में ग्रहण लगा रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता खराब होने के कारण न तो गांव में एबुलेंस आ पाती है और न ही आग लगने पर दमकल की टीम। इतना ही नहीं यदि गांव में बड़ी घटना हो जाए तो पुलिस और यूपी 112 भी नहीं पहुंच पाएगी।

ऐसे दलदल वाले रास्ते से निकलने को मजबूर हैं बच्चे व ग्रामीण। सौजन्य ग्रामीण
डीएम से मिलने की जिद पर अड़े ग्रामीण
एक तरफ जहां विकसित भारत की बात की जा रही है, वहीं गांवों की बदहाल सड़कें जिले के विकास की दावों की पोल खोलती दिख रही हैं। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार व एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने ग्रामीणों व बच्चों को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह डीएम से मिलने की जिद पर धरने पर बैठे रहें। कलेक्ट्रेट में करीब एक घंटे तक यह प्रदर्शन चलता रहा।
Gen Z के बाद Gen Alpha की आवाज बुलंद...स्कूल की पक्की सड़क के लिए हमीरपुर में सड़क पर उतरे बच्चे #hamirpur #GenAlphaIndia #uttarpradesh pic.twitter.com/prrEEKjRNo
— Anurag shukla (@Aanuragshukla) August 19, 2026
एडीएम और एएसपी के समझाने पर माने, टीम गांव रवाना हुई
वहीं जब गांव के लिए जांच टीम रवाना की गई तो ग्रामीण एडीएम व एएसपी के समझाने पर मान गए और जांच टीम के साथ गांव के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों व बच्चों के इस प्रदर्शन को लेकर कलेक्ट्रेट छावनी बना रहा। हमीरपुर कोतवाली समेत कुरारा, महिला थाना व पुलिस लाइन का बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं डीएम कार्यालय जाने वाले रास्ते पर बेरीकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई थी। ताकि कोई जोर जबरदस्ती न हो।
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पुलिस के द्वारा रोके जाने पर बंधे के रास्ते पैदल आते बच्चे व ग्रामीण। जागरण
बच्चे बोले डीएम अंकल से मिलना है
प्रदर्शन में आए बच्चे भी ग्रामीणों के साथ साथ डीएम से मिलने की मांग करते नजर आए। बच्चों ने कहा कि उनके स्कूल जाने वाली सड़क दलदल हो गई है और ऐसे में वह स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें पक्की सड़क बनाकर दी जाए। ताकि वह स्कूल जा सकें और अपना भविष्य संवार सकें।
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सिटी फारेस्ट के पास पुलिस के रोकने पर बंधे के रास्ते भागते बच्चे। जागरण
यह रहीं ग्रामीणों की मुख्य समस्याएं
- 1. करीब 1100 वर्ष प्राचीन सिद्ध मंदिर पहाड़ी देव बाबा शिव धाम मंदिर से मेन रोड बुद्धसिंह के खेत तक दो किमी. सड़क बनवाने की मांग।
- 2. ग्राम बचरौली से गुमाई देवी मंदिर से गुसाई बाबा मंदिर होते हुए भौली गिरधारी सिंह नारायण स्कूल तक चार किमी रोड बनवाने की मांग।
- 3. ग्राम भौली से चंद्रभान सिंह के स्कूल से जमरेहीतीर तक तीन किमी रोड बनवाने की मांग।
- 4. पहाड़ी देव बाबा मंदिर पार्यटन विभाग द्वारा मंदिर का निर्माण व वृद्धाश्रम कराए जाने की मांग।
ग्रामीणों की बात
नौनिहालों का भविष्य गड्ढे में हैं। कई बार इस समस्या को लेकर प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी को जानकारी दी गई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
- शरद सिंह, निवासी शंकरपुर बचरौली।

गांव के मार्ग की हालत ऐसी है कि न तो एंबुलेंस जा पाती है और न ही दमकल की टीम। ऐसे में यदि कोई बड़ी घटना हो जाए तो पुलिस का भी पहुंचना मुश्किल है। शिकायत के बाद भी समाधान न होने पर प्रदर्शन करना पड़ा।
- गणेश तिवारी, निवासी बचरौली।

हम गांव से स्कूल तक पैदल जाते हैं, बरसात में हर वर्ष सड़क दलदल हो जाती है। ऐसे में स्कूल जाने में परेशानी होती है और स्कूल न पहुंचने पर पढ़ाई बाधित होती है। मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए यहां आना पड़ा।
- शालिनी, छात्रा।

गांव से करीब चार किमी. दूर भौली गांव स्थित वीर एकलव्य स्कूल में पढ़ने जाना पड़ता है। रास्ते में दलदल मार्ग हर वर्ष बरसात में मुसीबत पैदा करता है। ड्रेस गंदी हो जाती है और कभी गिरकर घायल हो जाते हैं। मार्ग बन जाए तो स्कूल जाने का रास्ता सुगम हो जाए और हम भी पढ़कर कुछ बन सकें।
- मीनाक्षी। छात्रा।
विकासखंड कुरारा के कुछ गांव के बच्चों व ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। समस्या को देखते हुए जांच टीम को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही मार्ग को दुरुस्त कराकर चलने लायक बनाया जाएगा। ताकि बच्चों व ग्रामीणों को समस्या न हो।
- राकेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, हमीरपुर।

मोहान चौराहा पर पोस्टर पर लिखे मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बच्चें। जागरण
उन्नाव में खराब भोजन और शिक्षकों पर मारपीट का आरोप लगा बनाई मान श्रंखला
उन्नाव में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय में खराब भोजन मिलने व शिक्षकों पर मारपीट का आरोप लगाकर चौराहे पर मानव श्रंखला बनाकर खड़े हो गए। समाधान का आश्वासन मिला तब जाकर सब शांत हुए।
उन्नाव की नगर पंचायत न्योतनी में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय है। यहां के 379 बच्चे रहकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करते हैं। बुधवार सुबह छह बजे करीब 250 छात्र-छात्राएं मोहान चौराहा पहुंच गए। आरोप था कि शिक्षक कम हैं। पढ़ाई नहीं होती। भोजन में रोजाना बैगन की सब्जी दी जाती है। उसकी भी गुणवत्ता ठीक नहीं होती।

विभिन्न मांगों को लेकर मोहान चौराहे धरना प्रदर्शन करते न्योतनी स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्र। जागरण
विरोध करने पर धमकाते और पीटते हैं प्रधानाचार्य व बाबू
छात्रों का कहना है कि विरोध पर प्रधानाचार्य और बाबू धमकाते हैं, पीटते हैं। नाम काटने की धमकी देते है। चिकित्सक नहीं हैं। बच्चे बीमार होते हैं तो पैरासीटामाल देकर टरका दिया जाता है। कार्रवाई के आश्वासन पर करीब पौने तीन घंटे बाद वे माने। इस 10 किमी लंबा जाम लग गया। डीएम घनश्याम मीना, एसपी जय प्रकाश सिंह व समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार संजीव सिंह विद्यालय पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे वहां रहे। बच्चों के साथ जलपान किया। एसडीएम शालिनी सिंह ने बताया कि कमियां मिली हैं। जांच के लिए कमेटी बनेगी, इसमें बच्चे भी होंगे। डीएम समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।

सड़क पर छाता लगाकर बैठे बच्चे। जागरण
महोबा में सड़क निर्माण के लिए हाईवे जाम
महोबा के रैपुराकला गांव के कक्षा छह से 10 तक के छात्र-छात्राओं ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर सुबह करीब नौ बजे झांसी-मीरजापुर हाईवे पर जाम लगा दिया। वे तीन घंटे बारिश के बीच सड़क पर डटे रहे। उनका कहना था कि गांव से शहर जाने वाली तीन किमी सड़क पर ध्वस्त है। वे स्कूल नहीं जा पाते। हादसों का डर रहता है। कई बार शिकायत की, पर कुछ न हुआ। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो छात्र बोले 'सड़क में गिरकर कोई मर जाएगा तो आप लोग क्या करोगे'।

बच्चों ने बात करते प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली मनीष पांडेय। जागरण
तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया, तब बच्चे शांत हुए। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बदसलूकी की। इसका वीडियो प्रचलित है, जिसमें पुलिसकर्मी बच्चों को जबरन हटाते दिख रहे हैं।
इधर, हमीरपुर में आठ दिन पहले प्रदर्शन पर हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेनजी के प्रदर्शन के बाद फतेहपुर के इंटर कालेज में अव्यवस्थाओं पर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया था तो उनकी बात सुनी गई। इसके बाद हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क न होने पर 11 अगस्त को चंदूपुर व सात मजरों के बच्चे पांच किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। हाई कोर्ट ने दैनिक जागरण की खबर का संज्ञान लेते हुए विभागों से जवाब तलब किया है।

