यूपी में वीबी-जी राम जी योजना में क्लोन एप बनाकर फर्जी हाजिरी का खुलासा, वसूली का खेल भी आया सामने
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी योजना में मजदूरों की फर्जी हाजिरी के लिए एक क्लोन एप का खुलासा हुआ है।

वीबी-जी राम जी योजना का क्लोन एप
HighLights
वीबी-जी राम जी योजना में क्लोन एप से फर्जी हाजिरी।
पहले से सुरक्षित तस्वीरों से दर्ज होती है मजदूरों की उपस्थिति।
जालसाजी रोकने को सरकारी एप पर दो बार हाजिरी अनिवार्य।
सतीश पांडेय, गोरखपुर। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (वीबी-जी राम जी) योजना में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने वाले सरकारी एनएमएमएस मोबाइल एप से मिलता-जुलता कथित क्लोन एप फर्जी हाजिरी का जरिया बन रहा है।
आरोप है कि इसके जरिए कार्यस्थल पर मजदूरों की मौजूदगी के बिना ही मोबाइल में पहले से सुरक्षित तस्वीरों के आधार पर सामूहिक उपस्थिति दर्ज की जा सकती है। इसके लिए 100 मजदूरों की हाजिरी पर एक हजार रुपये से लेकर 200 से अधिक मजदूरों की हाजिरी के लिए पांच हजार रुपये तक वसूले जाने की सूचना है।
चंदौली, गाजियापुर और बहराइच में भी कोशिश हुई थी, ग्राम्य विकास विभाग ने जिले के अधिकारियों को पत्र लिख क्लोन एप के बारे में जानकारी दी है।
योजना के तहत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप का उपयोग किया जाता है। इसमें कार्यस्थल पर मजदूरों की मौजूदगी में लाइव फोटो लेकर विभागीय सर्वर के माध्यम से पोर्टल पर हाजिरी दर्ज की जाती है।
जालसाजों ने इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करने के लिए सरकारी एप का क्लोन एप तैयार किया गया है। जिसके जरिए मोबाइल फोन की गैलरी में पहले से सुरक्षित तस्वीरों के आधार पर मजदूरों की सामूहिक हाजिरी दर्ज करने का दावा किया जा रहा है। एप का इस्तेमाल करने के लिए एपीके फाइल उपलब्ध कराई जाती है, जिसे सक्रिय करने के लिए अलग से एक्सेस-की की जरूरत होती है। इसके लिए 15 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते है।
इसके बाद रोजगार सेवक की विभागीय लागिन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर एप में प्रवेश किया जाता है। उपस्थिति को विभागीय पोर्टल तक पहुंचाने के लिए खंड विकास अधिकारी की लॉगिन आईडी से डिवाइस सक्रिय कराया जाता है। चंदौली, गाजियाबाद और बहराइच में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
जालसाजी रोकने को दो बार हो रही हाजिरी
वीबी-जी राम जी योजना के उपायुक्त गोरखपुर रघुनाथ सिंह ने बताया कि क्लोन एप से फर्जी हाजिरी न लगे, इसके लिए सभी अधिकारियों को सतर्क किया गया है। जांच में सामने आया है कि कथित क्लोन एप से दिन में केवल एक बार ही हाजिरी लग सकती है। इससे बचाव के लिए सरकारी एप से मजदूरों की दो बार हाजिरी दर्ज कराई जाती है, ताकि किसी तरह की जालसाजी न हो सके।
