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उत्तर प्रदेश में अब वोटर बनना हुआ आसान, फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:47 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त ...और पढ़ें

जिला प्रशासन ने छूटे व गलती से एसआइआर में कटे नाम वालों को फार्म-6 भरने की अपील की। जागरण

जिला प्रशासन ने छूटे व गलती से एसआइआर में कटे नाम वालों को फार्म-6 भरने की अपील की। जागरण

HighLights

  1. फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त हुई।

  2. पात्र नागरिक ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  3. छूटे हुए और नए मतदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से वंचित रह गए लोगों के लिए राहत की खबर है। अब अर्ह युवा, पहली बार मतदाता बनने वाले, छूटे हुए, बेघर, दिव्यांग और महिला मतदाता आसानी से सिर्फ फार्म-6 के माध्यम से अपना नाम सूची में शामिल करा सकेंगे।

इसके लिए आनलाइन या आफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के लिए फार्म-6 के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा देता है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि जिन पात्र लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के संबंध में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे भी फार्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।

फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना जरूरी नहीं
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता निर्वाचन आयोग ने समाप्त कर दी है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरकर लगाना अनिवार्य नहीं है।

पात्र व्यक्ति संबंधित बीएलओ के माध्यम से आफलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक भारतीय नागरिक होना, संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अयोग्य न होना जरूरी है।

एसआइआर में कटे थे 6.45 लाख नाम
गोरखपुर में एसआइआर से पहले 36.66 लाख से अधिक मतदाता थे। अभियान में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो मतदाता तो थे, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में अपने, माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके।

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जिला स्तर पर एसआइआर के बाद जारी आंकड़ों में 6,45,634 नाम हटने और मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 होने की जानकारी दी गई थी। एसआइआर के दौरान फार्म छह के साथ घोषणा पत्र के जरिए 2003 के रिकार्ड की जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था।

अब इस अतिरिक्त बाध्यता के हटने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी , जो पुराने पारिवारिक रिकार्ड की जानकारी न होने के कारण आवेदन की प्रक्रिया में अटक रहे थे।

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