विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कांग्रेस की नई सूची में गोरखपुर का दबदबा, पूर्वांचल में वोट बैंक साधने की रणनीति

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:00 AM (IST)

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में नई नियुक्तियों की घोषणा की है, जिसमें गोरखपुर और महराजगंज के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. देवेंद्र निषाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाकर निषाद समाज को साधा।

  2. आलोक प्रसाद को जिम्मेदारी देकर दलित वोटरों को संदेश दिया।

  3. वीरेंद्र चौधरी को नेता प्रतिपक्ष बनाकर कुर्मी वोट बैंक पर पकड़।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची में गोरखपुर छाया हुआ है। पार्टी ने प्रदेश में जिन दो नेताओं को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है, उनमें से एक देवेंद्र निषाद गोरखपुर और दूसरे आलोक प्रसाद महराजगंज के निवासी हैं। देवेंद्र निषाद को जिम्मेदारी सौंप कांग्रेस ने पूर्वांचल में बड़े वोट बैंक निषाद समाज को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है।

महराजगंज के फरेंदा से कांग्रेस के पंजे का दम दिखाने वाले विधायक वीरेंद्र चौधरी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाकर कुर्मी वोटरों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। महराजगंज में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और कांग्रेस के एससी शाखा के प्रदेश अध्यक्ष रहे आलोक प्रसाद को जिम्मेदारी देकर पार्टी ने दलितों में संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के गढ़ में कांग्रेस द्वारा तीन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।

बेलीपार के बिस्टौली बुजुर्ग के हैं देवेंद्र निषाद महरा
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र निषाद महरा बेलीपार थाना क्षेत्र के बिस्टौली बुजुर्ग के निवासी हैं। वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश सचिव रह चुके हैं। बाद में निषादों को पार्टी से जोड़ने के लिए उन्हें फिशरमैन कांग्रेस के पूर्वी जोन का अध्यक्ष बनाया गया। वर्ष 2022 में देवेंद्र निषाद महरा ने गोरखपुर के ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

उनका प्रचार करने प्रियंका गांधी वाड्रा और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आए थे। भूपेश बघेल ने शाम से रात तक नार्मल क्षेत्र में घर-घर पहुंचकर वोट भी मांगा था। हालांकि देवेंद्र निषाद को सिर्फ 1492 वोट ही मिले थे। उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रयागराज से निकाली गई मछुआ कांग्रेस पद यात्रा में देवेंद्र निषाद को पोस्टर ब्वाय के रूप में रखा था।

पूर्व राज्यपाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे हैं आलोक प्रसाद
महराजगंज के आलोक प्रसाद कांग्रेस में दलित राजनीति का चेहरा हैं। उनके पिता सुखदेव प्रसाद इंदिरा गांधी की सरकार में केंद्रीय मंत्री थे और बाद में राजस्थान के राज्यपाल बने। आलोक प्रसाद को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू के साथ उपाध्यक्ष बनाया गया था। वह प्रदेश में कांग्रेस की दलित शाखा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने आलोक प्रसाद को महराजगंज सदर से टिकट दिया था लेकिन उनको सिर्फ 5865 वोट ही मिले। वह चौथे स्थान पर थे। आलोक प्रसाद पार्टी में सक्रिय रहते हैं।

वीरेंद्र चौधरी की कुर्मी वोट बैंक पर पकड़
महराजगंज जिले के फरेंदा विधानसभा से वर्ष 2022 में चुने गए वीरेंद्र चौधरी ने तब के भाजपा विधायक बजरंग बहादुर सिंह को हराया था। वर्ष 2022 में पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने सिर्फ दो विधानसभा सीट जीती थी। इनमें वीरेंद्र चौधरी भी हैं। उन्होंने लंबे समय बाद पूर्वांचल में कांग्रेस का सूखा खत्म किया था।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में चेकिंग के दौरान युवक से की अभद्रता, विरोध पर पीटा; चार निलंबित

कुछ समय पहले तक अजय राय की जगह प्रदेश अध्यक्ष के लिए वीरेंद्र चौधरी का भी नाम उछला था। माना जाता है कि कुर्मी वोट बैंक पर उनकी मजबूत पकड़ है। इसी के सहारे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भी उन्होंने घेरा था। हालांकि वह कामयाब नहीं हो सके थे।

यह भी पढ़ें- रेलवे प्वाइंट्समैन के लिए खुशखबरी, अब हर दो साल में मिलेगा अगला प्रमोशन ग्रेड