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यूपी बोर्ड परीक्षा में अंक प्रणाली पर खरा उतरने वाले स्कूल ही बनेंगे केंद्र, ऑनलाइन तैयार होगी मेरिट लिस्ट

Published: Sun, 12 Jul 2026 07:37 PM (IST)

यूपी बोर्ड ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ...और पढ़ें

अंक प्रणाली से मानक पर खरा उतरने वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र।

अंक प्रणाली से मानक पर खरा उतरने वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र।

HighLights

  1. 2027 बोर्ड परीक्षा केंद्र ऑनलाइन मेरिट से तय होंगे।

  2. विद्यालयों को अंक प्रणाली व सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना होगा।

  3. सीसीटीवी, स्ट्रांग रूम, जियोलोकेशन सत्यापन अनिवार्य होगा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी केंद्र निर्धारण पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित मानकों के आधार पर विद्यालयों की मेरिट सूची तैयार होगी और उसी के अनुसार परीक्षा केंद्रों का चयन किया जाएगा।

सॉफ्टवेयर आधारित इस प्रक्रिया में विद्यालयों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त तथा स्ववित्तपोषित विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

बोर्ड की ओर से केंद्र निर्धारण के लिए अंक प्रणाली भी निर्धारित की गई है। इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालयों को 20 अंक तथा केवल हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों को 10 अंक दिए जाएंगे।

वहीं राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को 50 अंक, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को 40 अंक और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों को 20 अंक प्रदान किए जाएंगे। विद्यालय की परीक्षार्थी धारण क्षमता भी मेरिट का महत्वपूर्ण आधार होगी।

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500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले विद्यालय को 10 अंक, 750 क्षमता वाले विद्यालय को 20 अंक तथा एक हजार या उससे अधिक क्षमता वाले विद्यालय को 30 अंक प्रदान किए जाएंगे। यदि विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सीसी कैमरों की निगरानी में संचालित होती है तो ऐसे विद्यालयों को अतिरिक्त 10 अंक का लाभ मिलेगा।

केंद्र बनने के लिए ये मानक होंगे जरूरी

परीक्षा केंद्र बनने के लिए विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन अनिवार्य होगा। प्रवेश द्वार, परीक्षा कक्ष, स्ट्रांग रूम, उत्तर पुस्तिका कक्ष और सीलिंग-पैकिंग कक्ष में वायस रिकार्डर युक्त सीसी कैमरे, कम से कम 30 दिनों की रिकॉर्डिंग क्षमता, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए डबल लाक स्ट्रांग रूम, चाहरदीवारी, सुरक्षित मुख्य द्वार, अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त पेयजल, अलग-अलग शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा जियोलोकेशन का मोबाइल एप से सत्यापन भी आवश्यक होगा। गलत जियोलोकेशन या भ्रामक सूचना देने वाले प्रधानाचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई का भी प्रविधान किया गया है।

बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। सभी प्रधानाचार्यों को समयबद्ध तरीके से विद्यालयों की आधारभूत सूचनाएं परिषद के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए है। इस बार केवल वही विद्यालय परीक्षा केंद्र बन सकेंगे, जो निर्धारित मानकों और अंक प्रणाली पर खरे उतरेंगे। जियोलोकेशन, सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का विशेष रूप से सत्यापन कराया जाएगा, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सके। -अजित कुमार सिंह, डीआइओएस।