राप्तीनगर अग्निकांड: पति-पत्नी के बाद नौकरानी की भी मौत, गोरखपुर में तीन की गई जान
गोरखपुर के राप्तीनगर में गैस सिलेंडर मरम्मत के दौरान हुए अग्निकांड में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी ...और पढ़ें

आग में झुलसी महिला की मौत। जागरण
HighLights
राप्तीनगर अग्निकांड में अब तक तीन लोगों की मौत।
मकान मालिक दंपति के बाद नौकरानी ने भी दम तोड़ा।
गैस सिलेंडर मरम्मत के दौरान हुआ था यह हादसा।
संवाद सूत्र, चरगांवा, (गोरखपुर)। राप्तीनगर फेज-एक में गैस सिलेंडर की पाइप और चूल्हे की मरम्मत के दौरान लगी आग में झुलसी नौकरानी दशावती देवी की भी सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले मकान मालिक रंजन दास और उनकी पत्नी जया दास की मौत हो चुकी है। हादसे में झुलसे चार लोगों में से अब तक तीन की जान जा चुकी है, जबकि गैस एजेंसी का हाकर उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है।
एलआइजी-156 निवासी रंजन दास के घर में 10 अक्टूबर की सुबह घरेलू गैस सिलेंडर से गैस धीमी जल रही थी। इसे ठीक कराने के लिए हिमांशु गैस एजेंसी के हाकर परवेज को बुलाया गया था। मरम्मत के दौरान गैस रिसाव की जांच करते समय अचानक आग लग गई। इसकी चपेट में आने से रंजन दास, उनकी पत्नी जया दास, घर में काम करने वाली दशावती देवी और हॉकर परवेज झुलस गए थे।
हादसे के बाद रंजन दास, जया दास और दशावती देवी को नेहरू मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था, जबकि परवेज का उपचार एक निजी अस्पताल में हुआ। उपचार के दौरान 11 अक्टूबर की भोर में रंजन दास की मौत हो गई। इसके बाद 15 अक्टूबर को सुबह चार बजे जया दास ने दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह 10:30 बजे दशावती देवी की भी मौत हो गई।
मां की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दशावती देवी गुलरिहा क्षेत्र के हरसेवकपुर नंबर एक की निवासी थीं। उनके पति की आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। उनके तीन बेटे और पांच बेटियां हैं। इनमें सात की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे सुनील ने राजघाट पर मां को मुखाग्नि दी।
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छोटे बेटे अनिल ने बताया कि उनकी मां छह वर्ष से रंजन दास के घर बर्तन धोने और साफ-सफाई का काम करती थीं। वह प्रतिदिन सुबह-शाम काम पर जाती थीं। मां की मौत से परिवार टूट गया है। अनिल ने हादसे के लिए हाकर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि उनकी मां की बात सुन ली गई होती तो शायद तीन लोगों की जान नहीं जाती।
