रेल कर्मचारियों ध्यान दें... मनमानी LASIK सर्जरी पर कैंची, अटकेगा रनिंग भत्ता
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा अधिकारियों की सलाह के बिना लासिक सर्जरी कराने वाले कर्मचारियों को रनिंग ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
चिकित्सा सलाह के बिना लासिक सर्जरी पर लाभ नहीं।
रनिंग भत्ता और वेतन सुरक्षा जैसे लाभ से वंचित।
ऐसे मामले 'स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण' माने जाएंगे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे में चिकित्सा अधिकारियों की सलाह के बिना मनमानी लासिक सर्जरी (लेजर असिस्टेड इन सीटू केराटोमिलेसिस) कराई तो रनिंग भत्ता और वेतन सुरक्षा आदि मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाएंगे। पुनर्नियोजन के मामलों में समान वेतनमान और सेवा संबंधी लाभ प्राप्त करने की संभावनाओं को देखते हुए बोर्ड ने इस प्रवृत्ति और संरक्षा व परिचालन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जताई चिंता जताई है।
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर, 2026 को सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों (कार्मिक) को लिखे गए पत्र में कहा है कि चिकित्सा अधिकारियों की सलाह के बिना अपनी इच्छा से सर्जरी कराने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कर्मचारी भारतीय रेल स्थापना संहिता के तहत समान वेतनमान और सेवा संबंधी लाभों के साथ वैकल्पिक रोजगार प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वेच्छा से लासिक सर्जरी करा रहे हैं। बोर्ड ने रनिंग स्टाफ के मामले में एक अन्य पहलू की ओर भी ध्यान दिलाया है। स्थापना संहिता के तहत वेतन निर्धारण में रनिंग भत्ते के तत्व को शामिल किए जाने का लाभ भी ऐसे मामलों से जुड़ा हो सकता है।
बोर्ड ने इस स्थिति को रेलवे के लिए गंभीर विषय माना है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अनियमितताओं का रेल परिचालन और संरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। रेलवे में कर्मचारियों की चिकित्सा श्रेणी का निर्धारण उनके कार्य की प्रकृति और संबंधित स्वास्थ्य मानकों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में चिकित्सा अधिकारियों की सलाह के बिना सर्जरी कराने और उसके बाद वर्तमान चिकित्सा श्रेणी में अनुपयुक्त पाए जाने की स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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अब यह निर्णय लिया गया है कि जिन कर्मचारियों ने रेलवे चिकित्सा अधिकारियों की सलाह के बिना स्वेच्छा से लासिक सर्जरी कराई है, उनके मामलों को नियमानुसार निपटाया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को ''अपने अनुरोध पर स्थानांतरित'' माना जाएगा। इसलिए, मेडिकल आधार पर श्रेणी परिवर्तन के बाद मिलने वाले वैकल्पिक रोजगार के लाभ, जिनमें स्थापना संहिता के तहत मिलने वाले लाभ भी शामिल हैं, ऐसे कर्मचारियों को नहीं मिलेंगे।
इन कर्मचारियों पर ''अपने अनुरोध पर स्थानांतरण'' से संबंधित मौजूदा नियम लागू होंगे। पिछले मामलों को, जिनका निपटारा पहले ही किसी अन्य तरीके से हो चुका है, फिर से नहीं खाली जाएगी।
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