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सऊदी अरब ड्रोन हमले में मारे गए कमलेश पांडेय का शव पहुंचा गांव, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Published: Wed, 28 Oct 2026 10:25 AM (IST)

सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले कमलेश पांडेय का शव मंगलवार को उनके ...और पढ़ें

घर पर जुटे ग्रामीण

घर पर जुटे ग्रामीण

HighLights

  1. सऊदी ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले कमलेश का शव गांव पहुंचा।

  2. पिता ने कांपते हाथों से दी चिता को मुखाग्नि, माहौल गमगीन।

  3. इकलौते कमाऊ सदस्य थे कमलेश, परिवार के सामने आजीविका संकट।

संवाद सूत्र, बांसगांव, (गोरखपुर)। सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर 21 अक्टूबर को हुए ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले बगही निवासी कमलेश पांडेय का शव मंगलवार दोपहर दो बजे गांव पहुंचा। शव देखते ही स्वजन में कोहराम मच गया। पत्नी सुनीता और दोनों बेटियों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। कमलेश परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

बांसगांव थाना क्षेत्र के किशुनपुर उर्फ बगही निवासी हरिश्चंद्र पांडेय के पुत्र कमलेश पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर बस चलाने का काम करते थे। पांच महीने पहले ही वह सऊदी अरब गए थे। 21 अक्टूबर को हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई।

मंगलवार को शव घर पहुंचते ही पत्नी सुनीता, मां शैला पांडेय और पिता हरिश्चंद्र पांडेय का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी और दोनों बेटियों को बिलखता देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

एक घंटे तक अंतिम दर्शन के लिए शव रखने के बाद दोपहर तीन बजे शवयात्रा बड़हलगंज स्थित सरयू नदी के मुक्ति पथ के लिए रवाना हुई। वहां पिता हरिश्चंद्र पांडेय ने कांपते हाथों से बेटे की चिता को मुखाग्नि दी तो वह फफक पड़े। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

सूचना पर एसडीएम बांसगांव मलखान सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक शेषनाथ यादव और क्षेत्रीय लेखपाल सिद्धार्थ सिंह गांव पहुंचे। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

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कमलेश अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी तान्या कक्षा नौ और छोटी बेटी तान्वी कक्षा पांच में पढ़ती हैं। पति की मौत के बाद सुनीता के सामने दोनों बेटियों के पालन-पोषण, पढ़ाई और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

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