गोरखपुर अनसुलझी मिस्ट्री: जिसे मरा मानकर तेरहवीं कर चुका था परिवार... वह गुजरात में मिली जिंदा
प्रयागराज के एक परिवार ने गोरखपुर में मिली लाश को अपनी लापता बेटी प्रीति मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था, ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
प्रयागराज परिवार ने लापता बेटी प्रीति का अंतिम संस्कार किया।
प्रीति गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में जीवित मिली।
गोरखपुर में मिली लाश की पहचान अब बड़ी पहेली।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। 30 सितंबर को गुलरिहा क्षेत्र की झाड़ी में मिली युवती की लाश की पहचान अब पुलिस के लिए बड़ी पहेली बन गई है। जिस शव को प्रयागराज के परिवार ने अपनी बेटी प्रीति का मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, वह प्रीति गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में जिंदा मिल गई। तीन साल से लापता बेटी को मृत मानकर परिवार अंतिम संस्कार और तेरहवीं तक कर चुका था। अब प्रीति के जिंदा मिलने से सवाल उठ रहा है कि आखिर झाड़ी में मिली लाश किसकी थी और पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? पुलिस अब नए सिरे से शव की पहचान कराने में जुटी है।
प्रयागराज के लालगोपालगंज स्थित उमरावगंज निवासी बनवारी लाल की बेटी प्रीति 13 मई 2023 को घर से लापता हो गई थी। स्वजन ने नवाबगंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीन साल तक तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसी बीच 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में झाड़ी में एक युवती का शव मिला।
गोरखपुर पुलिस से सूचना मिलने पर लालगोपालगंज पुलिस ने परिवार को जानकारी दी। प्रीति की मां कमला देवी, चचेरा भाई जितेंद्र और भाभी गोरखपुर पहुंचे। नाक पर तिल और जलने के निशान के आधार पर उन्होंने शव को प्रीति का बताया। मां का डीएनए नमूना भी लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। प्रीति के जीवित होने की जानकारी 24 अक्टूबर को सामने आई।
लालगोपालगंज पुलिस चौकी के दारोगा शुभम ने उसकी मां कमला देवी को फोन कर बताया कि उनकी बेटी गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में सुरक्षित है। बड़ौदा स्थित केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांडेय के अनुसार, प्रीति पांच अगस्त 2023 को रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में मिली थी।
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महिला और बच्चे की भी नहीं हुई पहचान
गुलरिहा क्षेत्र में इससे पहले अप्रैल में नहर में एक महिला और बच्चे का शव मिला था। उनकी भी पहचान नहीं हो सकी थी। अब प्रीति के जीवित मिलने के बाद झाड़ी में मिले युवती के शव की पहचान का मामला अज्ञात शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
