गोरखपुर में 27 सितंबर से पितृ पक्ष का आरंभ, आज होगा पूर्णिमा का श्राद्ध
पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा का श्राद्ध शनिवार को किया जाएगा। इस दौरान पूर्वजों ...और पढ़ें

प्रतिपदा के श्राद्ध के साथ शुरू होगा पितरों के तर्पण का क्रम। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पितरों के प्रति श्रद्धा और तर्पण का पर्व पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होगा। हालांकि भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा के दिन दिवंगत पूर्वजों का श्राद्ध शनिवार को किया जाएगा। इस तरह पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण का क्रम शनिवार से ही शुरू हो जाएगा। आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के श्राद्ध के साथ रविवार, 27 सितंबर से विधिवत पितृ पक्ष आरंभ होगा।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डा. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा के दिन कुतप बेला में पूर्णिमा तिथि होने के कारण पूर्णिमा तिथि में दिवंगत पितरों का श्राद्ध शनिवार को किया जाएगा। इसके अगले दिन 27 सितंबर को प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध होगा। इसके साथ ही आश्विन कृष्ण पक्ष यानी पितृ पक्ष की शुरुआत हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध संबंधित तिथि के अनुसार किया जाता है। जिस तिथि को किसी व्यक्ति का निधन हुआ है, उसी तिथि में पितरों का श्राद्ध करने का विधान है। इस बार दो अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन किया जाएगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि पितृ पक्ष में अलग-अलग तिथियों पर श्राद्ध करने का विधान है। तिथि के अनुसार श्राद्ध के साथ प्रतिदिन पितरों का तर्पण भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवताओं और ऋषियों को जल अर्पित करने के बाद पितरों को जल देकर तृप्त करने की परंपरा है।
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उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में श्रद्धापूर्वक किए गए श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व है। आश्विन अमावस्या को पितरों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है।
