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दीपावली और छठ में गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में 'नो रूम', यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:50 AM (IST)

दीपावली और छठ पर्व पर गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में 8 से 13 नवंबर तक स्लीपर व एसी में कन्फर्म ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 8 से 13 नवंबर तक गोरखपुर ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं।

  2. मुंबई, पुणे, अहमदाबाद से आने वाली ट्रेनों में 200+ वेटिंग।

  3. पूर्वोत्तर रेलवे ने 40 जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाईं।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अहमदाबाद स्थित कंपनी में नौकरी कर रहे देवरिया निवासी सोनू छठ पर्व में घर आने के लिए परेशान हैं। दीपावली से ही गोरखपुर आने वाली सभी ट्रेनें फुल हैं। किसी भी ट्रेन में कन्फर्म आरक्षित टिकट नहीं मिल रहा। 19489 नंबर की अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में तीन नवंबर से ही नो रूम (आरक्षित टिकटों की बुकिंग बंद) है।

अन्य ट्रेनों की स्थिति भी यही है। परदेस में सोनू घर आने के लिए छटपटा रहे हैं। साथ पटाखा कौन फोड़ेगा, मिठाई कौन खाएगा, उन्हें लेकर छठ घाट पर कौन जाएगा। यह सोचकर घर पर पत्नी और बच्चे बेचैन हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा क्या करें। भारतीय रेल इन सबके बीच बैरन बनी हुई है।

दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने की तैयारी कर रहे पूर्वांचल और बिहार के लोगों के सामने इस बार भी सफर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एलटीटी, बांद्रा, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु से गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में एक नवंबर से स्लीपर और एसी थर्ड की वेटिंग 200 से पार पहुंच गई है। कुशीनगर, एलटीटी, सुपरफास्ट और दादर आदि एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रहा है।

वेटिंग टिकटों की मारामारी मची है। त्योहारों में घर आने की इच्छा रखने वाले सोनू जैसे पूर्वांचल के हजारों कामगार टिकट के लिए परेशान हैं। लंबी वेटिंग के कारण यात्री टिकट बुक कराने के बावजूद कन्फर्म सीट को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। पूर्वांचल और बिहार के लाखों लोग महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक समेत देश के विभिन्न प्रांतों और महानगरों में रोजगार करते हैं।

त्योहार के दौरान इन शहरों से घर वापसी के लिए ट्रेनों में अचानक भीड़ बढ़ जाती है। यही वजह है कि नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर यात्री जनरल टिकट पर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। लेकिन जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं बचती। भीड़ के चलते यात्री बोगियों में चढ़ नहीं पाते। ट्रेन की यात्रा पहाड़ चढ़ने जैसी हो जाती है।

पूर्वोत्तर रेलवे के रूट पर चल रहीं 40 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार बताते हैं कि पूर्वोत्तर रेलवे रूट पर 40 जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। जिसमें दस जोड़ी पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर आदि स्टेशनों से, आठ जोड़ी दूसरे जोन के स्टेशनों से पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों तक तथा 22 जोड़ी पूर्वोत्तर रेलवे से होकर चल रही हैं।

यात्रियों की मांग के अनुसार जरूरत पड़ने पर और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। यात्री सुविधाओं का विस्तार करने के साथ उनकी सुरक्षा का भी ख्याल रखा जा रहा है। प्रयास किया जा रह है कि त्योहारों में यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

एक नजर में कुछ ट्रेनों की स्थिति

  • 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में तीन से 14 नवंबर तक स्लीपर व एसी थर्ड में नो रूम।
  • 15039 पुणे- गोरखपुर एक्सप्रेस में 31 अक्टूबर से 21 नवंबर तक स्लीपर व एसी थर्ड में नो रूम।
  • 12590 चर्लापल्ली-गोरखपुर एक्सप्रेस में आठ से 13 नवंबर तक स्लीपर और एसी थर्ड में नो रूम।
  • 12592 व 22534 यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस में छह व आठ नवंबर को स्लीपर व एसी में नो रूम।
  • 20103, 22538 व 19037 आदि मुंबई से आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में छह से 13 नवंबर तक नो रूम।

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