इज्जतनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस में यात्री को सांप ने डसा, स्लीपर क्लास की बर्थ पर सोते समय हुआ हादसा
इज्जतनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री को मैलानी के पास सांप ने काट लिया। लखीमपुर में प्राथमिक उपचार ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
यात्री को इज्जतनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस में सांप ने काटा।
मैलानी के पास स्लीपर कोच में सोते समय घटना हुई।
लखीमपुर में इलाज के बाद यात्री को मिली छुट्टी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ट्रेनों में तिलचट्टे और चूहे ही नहीं अब सांप भी घूमने लगे हैं। रविवार की शाम 15010 नंबर की इज्जतनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस में गोरखपुर आ रहे एक यात्री को मैलानी के आसपास सांप ने डंस लिया।
लखीमपुर स्टेशन पहुंचने पर रेलवे के चिकित्सकों ने यात्री का प्राथमिक उपचार कर स्थानीय अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में रातभर इलाज चलने के बाद यात्री की तबीयत दुरुस्त हुई तो डिस्चार्ज कर दिया गया। सोमवार को वे दूसरी ट्रेन से गोरखपुर के लिए रवाना हुए।
यह है पूरा मामला
बरेली के परदोली निवासी जगतपाल बेटे विशेष के साथ शयनयान श्रेणी के एस 4 के बर्थ नंबर 33 और 36 पर यात्रा कर रहे थे। दोनों इज्जतनगर से यात्रा कर रहे थे। 33 नंबर की बर्थ पर लेटे जगतपाल को शाम 06:00 बजे के आसपास नींद आ गई। मैलानी पहुंचने से पहले उन्हें लगा कि उनकी कोहनी में कुछ चुभ गया है।
वे अचानक उठे तो देखे कि कोहनी के पास दो गहरे निशान हैं और उससे खून टपक रहा है। उनके हाथ से खून टपकता देख बेटा व अन्य यात्री परेशान हो उठे। सांप काटने की आशंका पर उन्होंने तत्काल बांह पर कसकर रूमाल बांध दी और इसकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल को दी।
सुरक्षा बल ने कंट्रोल रूम को सूचना देने के साथ सांप व अन्य कीड़े आदि को खोजना शुरू किया। हालांकि, मौके पर कुछ मिला नहीं, लेकिन बर्थ के नीचे एक सुराख दिख रहा था।
इसी बीच ट्रेन लखीमपुर पहुंच गई, प्लेटफार्म नंबर दो पर पहले से मौजूद रेलवे के चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार किया। सर्पदंश की आशंका में चिकित्सक ने भी यात्री जगतपाल को इलाज के लिए स्थानीय चिकित्सालय रेफर कर दिया।
बकौल जगतपाल वे बेटे को लेकर एक निजी चिकित्सा शिक्षण कॉलेज में दाखिला कराने गोरखपुर जा रहे थे। मैलानी के आसपास, जब वे सो रहे थे उसी दौरान सांप ने काट लिया। चिकित्सकों ने भी सांप काटने का ही इलाज किया। फिलहाल, वे अब अच्छा महसूस कर रहे हैं, लेकिन चेहरा पीला पड़ गया है, कमजोरी लग रही है।
