महराजगंज में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से बदल रही तस्वीर, जागरण विमर्श में पंकज चौधरी ने गिनाईं विकास की संभावनाएं
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने जागरण विमर्श में महराजगंज के विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, एकीकृत चेकपोस्ट और बौद्ध पर्यटन की संभावनाओं को गिनाया।
HighLights
महराजगंज में 300 बेड का अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज तैयार।
भारत-नेपाल सीमा पर एकीकृत चेकपोस्ट से रोजगार के अवसर।
बौद्ध स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की अपार संभावनाएं।
डा. राकेश राय, महराजगंज। विकास की बदलती तस्वीर में महराजगंज भी तेजी से नई सुविधाओं से जुड़ रहा है। सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत सुविधाएं बढ़ी हैं। भारत-नेपाल सीमा पर बन रहा एकीकृत चेकपोस्ट भविष्य में रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
जिले के धार्मिक और बौद्ध स्थलों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं भी आकार ले रही हैं। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोमवार को होटल लेग्रैंड में आयोजित ‘जागरण विमर्श’ में जिले के विकास कार्यों और संभावनाओं को सामने रखा।
उन्होंने बताया कि 3587 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का अत्याधुनिक मेडिकल कालेज तैयार किया गया है। जिला अस्पताल में 100 बेड की सुविधा विकसित हुई है। कोविड काल में 50-50 बेड के आइसीयू, क्रिटिकल केयर यूनिट और आक्सीजन प्लांट की व्यवस्था की गई। आयुष्मान भारत के 8.68 लाख गोल्डन कार्ड और करीब 1.30 लाख लाभार्थियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सड़क विकास के तहत इंदरपुर-सिसवा-निचलौल-ठूठीबारी-नौतनवा मार्ग के लिए सीआरएफ से स्वीकृति मिलने की जानकारी दी। मुख्य और संपर्क मार्गों के विस्तार के साथ गांवों और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने तथा बिजली पहुंचाने के कार्यों का भी उन्होंने उल्लेख किया। शिक्षा के क्षेत्र में वनटांगिया क्षेत्रों में 29 परिषदीय विद्यालय, मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय, पीएमश्री विद्यालय, आइटीआइ और पालीटेक्निक कालेज की सुविधाएं गिनाईं।
युवाओं के लिए मौजूदा स्टेडियम को आधुनिक बनाने के लिए करीब 30 से 32 करोड़ रुपये के प्रस्ताव की जानकारी दी। पंकज चौधरी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर बन रहा एकीकृत चेकपोस्ट जिले के आर्थिक परिदृश्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। वहीं, महराजगंज के बौद्ध स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की संभावनाएं भी हैं।
यह भी पढ़ें- जागरण विमर्श: सोहगीबरवा में जंगल सफारी और होम-स्टे पर चर्चा, पर्यटन बढ़ने से बढ़ेगी लोगों की आय
भगवान बुद्ध से जुड़े आठवें अस्थि कलश की प्रामाणिकता स्थापित होने पर कुशीनगर, सारनाथ और लुंबिनी आने वाले बौद्ध पर्यटकों के महराजगंज से होकर गुजरने की उम्मीद उन्होंने जताई। कहा कि इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा का रास्ता साफ हो जाएगा।
