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लॉरेंस के नेटवर्क की तलाश में 2023 में गोरखपुर पहुंची थी NIA, असलहा सप्लायर शशांक पांडेय की पड़ताल तेज

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:29 AM (IST)

लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा नेटवर्क की जांच में शशांक पांडेय का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश में ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण

HighLights

  1. शशांक पांडेय लारेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का हिस्सा।

  2. एनआईए ने शशांक की तलाश में गोरखपुर में जांच की।

  3. 2022 में अंबाला में असलहों संग शशांक पांडेय गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा नेटवर्क की जांच में शशांक पांडेय का नाम सामने आने के बाद उसकी पुरानी गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं। करीब तीन वर्ष पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की तलाश में शशांक को खोजते हुए गोरखपुर पहुंची थी। तब टीम ने उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई थी।

मूल रूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ थाना क्षेत्र के चुठहा गांव निवासी शशांक के पिता नित्यानंद पांडेय करीब 13 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया के स्वर्णनगर स्थित बंद हो चुकी नमकीन फैक्ट्री में किराये का कमरा लेकर वह परिवार के साथ रहने लगे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। करीब आठ वर्ष पहले नित्यानंद की मौत हो गई।

इसके बाद शशांक की मां गांव लौट गईं। तीन भाइयों में सबसे छोटा शशांक कुछ समय तक गोरखपुर में अपने परिचितों के संपर्क में रहा। वर्ष 2021 के आसपास उसके लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के संपर्क में आने की बात सामने आई। इसके बाद उसकी गतिविधियां बदल गईं। पुलिस के अनुसार वह गैंग के सदस्यों के साथ हरियाणा और राजघाट क्षेत्र में हत्या व लूट जैसी वारदातों में शामिल रहा और असलहा सप्लाई के नेटवर्क से भी जुड़ गया।

सिंघड़िया में रहने वाले उसके परिचितों को शशांक बताता था कि उसे अंबाला में नौकरी मिल गई है। बताया जाता है कि वारदात के बाद वह छिपने के लिए गोरखपुर आता था और दोस्तों के साथ समय बिताता था। इससे स्थानीय लोगों को उसकी वास्तविक गतिविधियों की भनक नहीं लगती थी। 24 जुलाई 2022 को अंबाला पुलिस ने शशांक और उसके साथियों को असलहा के साथ गिरफ्तार किया।

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इसके बाद गोरखपुर पुलिस को भी उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो बिश्नोई गैंग से उसके संपर्क की कड़ियां सामने आती गईं। 27 सितंबर 2023 को एनआइए ने लारेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर देशभर में छापेमारी की थी। इसी कार्रवाई के दौरान एनआइए की एक टीम शशांक की तलाश में गोरखपुर भी पहुंची थी। टीम ने उसके स्थानीय संपर्कों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई थी। उस समय तक शशांक का नाम बिश्नोई नेटवर्क की जांच में सामने आ चुका था। 

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