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गोरखपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का पर्दाफाश; 5 आरोपी गिरफ्तार

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:55 AM (IST)

एसटीएफ ने गोरखपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. एसटीएफ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पांच सदस्य पकड़े।

  2. गिरोह ने पूर्वी यूपी में 100-150 पिस्टल बेचीं।

  3. हरियाणा, एमपी से हथियार लाकर यूपी में बेचते थे।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एसटीएफ ने लारेंस बिश्नोई गैंग के असलहा नेटवर्क का पर्दाफाश कर गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा है। इनका नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला है। आरोपितों ने पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से 100-150 पिस्टल खरीदकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेचने की बात बताई।

पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। सोमवार की रात विंध्यवासिनी पार्क के पास से दबोचे गए बदमाशों के पास से चार पिस्टल, चार मैगजीन, एक रिवाल्वर, पांच कारतूस, एक बाइक व स्कूटी बरामद हुई। खजनी निवासी पीएसी जवान सूरज यादव व उसके साथी प्रमोद ने हत्या कराने के लिए इसी गिरोह से डेढ़ लाख रुपये में पिस्टल खरीदी थी। गिरोह 30 से 40 हजार रुपये में पिस्टल उपलब्ध कराता था।

सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर कैंट थाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, देवरिया निवासी अजीत यादव, गोरखपुर के अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, राहुल गुप्ता व अभिषेक प्रजापति के रूप में हुई।

पुलिस आरोपितों के मोबाइल और लेनदेन का ब्योरा खंगाल रही है। एसटीएफ का दावा है कि सिंघड़िया में किराए के कमरे में रहने वाले बिहार निवासी शशांक पांडेय ने आरोपितों को लारेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा था। इसके बाद हथियारों की खरीद और सप्लाई का नेटवर्क आगे बढ़ा। एसटीएफ शशांक के साथ ही 10 अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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