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गोरखपुर में वर्ल्ड फिश सेंटर से मत्स्य उत्पादन को मिलेगी नई गति, एमओयू करने के लिए कैबिनेट ने दी अनुमति

Published: Tue, 15 Sep 2026 10:16 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में वर्ल्ड फिश उत्तर प्रदेश फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे उन्नत मत्स्य बीज का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा।

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HighLights

  1. गोरखपुर में वर्ल्ड फिश फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर की होगी स्थापना।

  2. उन्नत प्रजातियों के मत्स्य बीज का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा।

  3. प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आजीविका सुधरेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूर्वांचल क्षेत्र के गोरखपुर में वर्ल्ड फिश उत्तर प्रदेश फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर (मत्स्य परियोजना केंद्र) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा फिश जेनेटिक अनुसंधान में विशेषज्ञता रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड फिश के साथ एक समझौता (एमओयू) किया जाएगा।

सेंटर में मछली की नई प्रजाति गिफ्ट तिलापिया, अमूर कार्प, अमृत कतला और जयंती रोहू के बीज का उत्पादन किया जाएगा। इसमें प्रति वर्ष 10 करोड़ मत्स्य बीज उत्पादन संभावित है। मंगलवार को कैबिनेट ने मत्स्य विभाग और वर्ल्ड फिश के बीच एमओयू के लिए अनुमोदन दे दिया है।

मत्स्य उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी

मत्स्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले 10 वर्ष में मत्स्य उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में 6.50 लाख टन सालाना मछली उत्पादन होता था, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में उत्पादन 15.90 लाख टन तक पहुंच चुका है। अब सरकार परंपरागत रोहू, कतला, नयन, भाकुर प्रजातियों के साथ नई प्रजातियों पंगेशियस और तिलापिया के उत्पादन को बढ़ा रही है।

अब इन नई प्रजातियों की भी उन्नत नस्लों के मत्स्य बीज के उत्पादन की योजना है। इसके लिए ही वर्ल्ड फिश के साथ तीन साल के लिए एमओयू किया जा रहा है। इसमें गोरखपुर हैचरी को ब्रीडर हैचरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

मत्स्य अंगुलिकाएं होंगी तैयार

वर्ल्ड फिश यहां अपने वैज्ञानिक तैनात करेगी और शोध विद्यार्थियों को लिया जाएगा। सेंटर पर हर साल उन्नत प्रजातियों के डेढ़ करोड़ नर-मादा शिशु मछलियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनके माध्यम से मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार होंगी।

मत्स्य विभाग यहां बनने वाले फाउंडेशन बीज को निजी लोगों को आगे प्रमाणित बीज तैयार करने के लिए उपलब्ध कराएगा। पहले चरण में इससे प्रदेश के 28 जिलों को जोड़ा जाएगा। एमओयू के तहत वर्ल्ड फिश द्वारा किसानों-अधिकारियों को अपने इजिप्ट, श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम सेंटरों का अध्ययन भ्रमण भी कराएगी।

टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियों को बढ़ावा

अपर मुख्य सचिव मत्स्य मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि मत्स्य परियोजना केंद्र स्थापित करने का उद्देश्य मछली और बीज उत्पादन को बढ़ाना, क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, मछली पालकों की आजीविका में सुधार करना और अनुसंधान, प्रशिक्षण और बाजार संबंधों के माध्यम से टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

इससे प्रदेश में मत्स्य पालन उत्पादन को गति देने के लिए मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता और विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के प्रस्तावित लक्ष्य को पूरा करने में सहायता मिलेगी। परियोजना के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में छह करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।