अब खुले रहेंगे सड़क यातायात के लिए बंद समपार फाटक, रेलवे बोर्ड ने बदले नियम
रेलवे बोर्ड ने 'सड़क यातायात के लिए बंद' समपार फाटकों को सामान्य स्थिति में खुला रखने का फैसला किया है, ...और पढ़ें

जब तक खुला रहेगा फाटक, तब तक ट्रेनों के लिए लगा रहेगा लाल झंडा। जागरण
HighLights
रेलवे बोर्ड ने बंद समपार फाटकों को अब खुला रखने का निर्णय लिया है।
यह नया मानदंड 2012 के पुराने प्रावधानों को रद्द करता है।
सुरक्षा उपायों के साथ खुले रहेंगे फाटक, जनता को मिलेगी राहत।
प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। 'सड़क यातायात के लिए बंद' समपार फाटकों (लेवल क्रासिंग) के आसपास रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने सामान्य स्थिति में 'सड़क यातायात के लिए बंद' समपार फाटकों को 'खुला' रखने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने इस संबंध में जारी दो मई, 2012 के प्रविधानों को रद करते हुए नया मानदंड लागू कर दिया है। यह निर्णय परिचालन और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
रेलवे बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के क्रम में संबंधित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को प्रमुख चीफ इंजीनियर (पीसीई) और प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम) की मंजूरी के बाद नान इंटरलाक्ड (मैनुअल- बिना सिग्नल सिस्टम वाले) लेवल क्रासिंग की सामान्य स्थिति बदलने की अनुमति होगी। जब तक फाटक सड़क यातायात के लिए खुला रहेगा, तब तक लेवल क्रासिंग के दोनों ओर से आने वाली ट्रेनों के लिए दिन में लाल झंडा और रात में लाल बत्ती दिखाई जानी चाहिए।
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल स्थित सरदारनगर पश्चिमी जैसे दूरस्थ छोटे स्टेशनों व हाल्ट के आसपास वाले ऐसे समपार फाटक जहां आमजन की आवाजाही कम होती है, रेलवे प्रशासन उन्हें सड़क यातायात के लिए बंद (क्लोज टू रोड ट्रैफिक) श्रेणी में रख दिया था।
रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विवेक भूषण सूद ने 18 सितंबर, 2026 को चिट्ठी लिखकर भारतीय रेलवे के सभी महाप्रबंधकों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि इस महत्वपूर्ण बदलाव के लिए निर्धारित सुरक्षा उपायों को पूरा करना अनिवार्य होगा। लेवल क्रासिंग पर लिफ्टिंग बैरियर लगा होना चाहिए।
गेटमैन और स्टेशन मास्टर के बीच टेलीफोन संचार की सुविधा जरूरी है। ताकि, प्राइवेट नंबरों (गुप्त कोड नंबर) का आदान-प्रदान किया जा सके। हालांकि, नान इंटरलाक्ड लेवल क्रासिंग पर अब प्राइवेट नंबरों के आदान-प्रदान की जगह स्टेशन मास्टर की अनुमति को अनिवार्य कर दिया गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में लगभग 382, वाराणसी मंडल में 563 और इज्जतनगर मंडल में 390 सहित 1335 मानव सहित (मैंड) समपार फाटक हैं। समपार फाटकों पर निर्बाध ट्रेन संचालन व दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेजी के साथ इंटरलाक सिग्नल सिस्टम लगाए जा रहे हैं। लगभग एक हजार लेवल क्रासिंग पर इंटरलाक सिस्टम लगा दिए गए हैं। आने वाले दिनों में 10 हजार टीवीयू (आवागमन करने वाले व्यक्ति) सभी समपार फाटक इंटरलाक हो जाएंगे।
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इंटरलाक हो जाने के बाद समपार फाटकों पर ट्रेनें सिग्नल से चलने लगती हैं। इंटरलाक करने के साथ समपार फाटकों को युद्धस्तर पर बंद करने की भी प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए रोड ओवरब्रिज (आरओबी) और रोड अंडरब्रिज (आरयूबी) बनाए जा रहे हैं। पिछले पांच वर्ष में लगभग 450 समपार फाटक बंद किए जा चुके हैं। इन वर्षों में समपार फाटकों पर एक भी दुर्घटना नहीं हुई है।
