109 साल की उम्र में एनई रेलवे मजदूर यूनियन के पूर्व महामंत्री केएल गुप्ता का निधन, 60 बार संभाला महामंत्री का पद
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के 109 वर्षीय पूर्व महामंत्री और वर्तमान अध्यक्ष केएल गुप्ता का गोरखपुर में निधन हो गया ...और पढ़ें

केएल गुप्ता की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के 109 वर्षीय केएल गुप्ता का निधन।
उन्होंने 60 बार नरमू महामंत्री का पद संभाला था।
भारतीय रेलवे में उनके निधन से शोक की लहर।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के लगातार 60 बार महामंत्री रहे 109 वर्षीय केएल गुप्ता नहीं रहे। उन्होंने शुक्रवार दोपहर 12 बजे अपने गोरखपुर के पुर्दिलपुर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले एक साल से अस्वस्थ चल रहे थे। वर्तमान में वह यूनियन के अध्यक्ष थे। पिछले साल अस्वस्थता पर उन्होंने महामंत्री का पद छोड़ दिया था।
उनके निधन की खबर से पूर्वोत्तर रेलवे ही नहीं भारतीय रेलवे में शोक की लहर दौड़ गई है। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और एनई रेलवे मजदूर यूनियन ही नहीं अन्य कर्मचारी संगठनों ने शोक संवेदना व्यक्त की है। फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र, फेडरेशन के सहायक महामंत्री नरमू के महामंत्री बसंत लाल चतुर्वेदी, फेडरेशन के जोनल सेक्रेटरी व यूनियन के संयुक्त महामंत्री ओंकार नाथ सिंह, मंडल मंत्री संजय कुमार पांडेय आदि पदाधिकारियों ने शोक-संवेदना व्यक्त की है।
अपने दौर में पूर्व राष्ट्रपति वीवी गिरी, महान समाजवादी लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडीज के साथ कंधा मिला चुके कामरेड केएल गुप्ता 14 अप्रैल 1952 को पूर्वोत्तर रेलवे के गठन के समय से वर्ष 2025 तक एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री रहे हैं। वर्ष 2025 से अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे।
भारतीय की ट्रेड यूनियन की राजनीति की एक महान पहचान,आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एव लगभग साठ वर्षों तक एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री कन्हैया लाल गुप्ता का निधन मजदूर आंदोलन के एक युग का अंत है।
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कन्हैया लाल गुप्ता ने मजदूर आंदोलन को बहुत ही ऊंचे मुकाम पर ले जाने का काम किया था। सार्वजनिक जीवन में वे एक बेदाग नेता के रूप में जाने जाते थे। रेल मजदूरों के सवाल पर वे जिस तरह से सत्ता प्रतिष्ठान से दो दो हाथ करते थे, वो उनके लडा़कू तेवर की कहानी बयां करते हैं।
उनका सादगी भरा जीवन संघर्ष की क्षमता सामाजिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। वे अंतिम समय तक रेलकर्मियों की लड़ाई लड़ते हुए आंदोलनों को धार देते रहे।
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