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LPG का नया खेल: कंपनी का पाइप लो, वरना नहीं मिलेगा रसोई गैस सिलिंडर

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:43 PM (IST)

तेल कंपनियां ग्राहकों को हर पांच साल में अपनी सुरक्षा हौज पाइप खरीदने के लिए मजबूर कर रही हैं, जिसके ...और पढ़ें

गोरखपुर में पाइन न लेने पर रोकी जा रही सिलिंडर की आपूर्ति। जागरण

गोरखपुर में पाइन न लेने पर रोकी जा रही सिलिंडर की आपूर्ति। जागरण

HighLights

  1. तेल कंपनियां ग्राहकों को अपनी पाइप खरीदने को मजबूर कर रही हैं।

  2. बाजार में सस्ती पाइप के बावजूद कंपनी की पाइप लेनी पड़ रही।

  3. पाइप न लेने पर सिलेंडर डिलीवरी रोकी जा रही, बीमा भी प्रभावित।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। राप्तीनगर की उपभोक्ता प्रियंका के घर हाकर सिलिंडर लेकर तो पहुंचा, लेकिन उसने डिलीवरी से इन्कार कर दिया। प्रियंका ने कारण पूछा तो बोला कि पहले पाइप लेना होगा। प्रियंका ने बताया कि कुछ महीने पहले ही तो नया पाइप लिया है, अभी इसे बदलने की जरूरत नहीं है।

हाकर ने सवाल किया, क्या पाइप बाजार से लिया है, प्रियंका के हां में जवाब देने के बाद हाकर बोला कि वह पाइप मान्य नहीं होगा, आपको कंपनी का पाइप लेना होगा। कंपनी से पाइप लेने के बाद इसका पूरा ब्योरा आपके अकाउंट नंबर में दर्ज होगा। पांच साल पूरा होने के बाद फिर नया पाइप लेना होगा।

प्रियंका ने पाइप की कीमत पूछी तो हाकर ने बताया कि रेट 190 रुपये है, लेकिन आपको 170 रुपये में मिल जाएगा। प्रियंका ने इन्कार किया तो हाकर सिलिंडर लेकर वापस चला गया और फिर बुकिंग ही निरस्त कर दी। थक-हारकर प्रियंका को पाइप लेना पड़ा। इसके बाद ही सिलिंडर मिल सका।

यह समस्या सिर्फ प्रियंका के सामने ही नहीं आई है, पाइप न लेने वाले ग्राहकों को सिलिंडर न दिए जाने की रोजाना चेतावनी मिल रही है। जिन ग्राहकों ने बाजार से पाइप ले लिया है, उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। ग्राहक एजेंसियों पर पहुंचकर अनुरोध कर रहे हैं लेकिन संचालक खुद अपनी मजबूरी बताकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।

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बाजार में 120, एजेंसी पर 190
तेल कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे सुरक्षा हौज पाइप का रेट ज्यादा है। तीन लेयर की डेढ़ मीटर लंबी पाइप तेल कंपनियां 190 रुपये में बेच रही हैं, जबकि बाजार में यही पाइप 120 रुपये में आसानी से उपलब्ध है। ऐसे में ग्राहक सवाल कर रहे हैं कंपनियां अपनी कमाई के चक्कर में ग्राहकों का नुकसान कर रही हैं। पाइप खरीदने पर सख्ती नहीं होनी चाहिए। ग्राहक बाजार से पाइप खरीदकर इसकी रसीद एजेंसी पर दिखा दें तो इसके आधार पर अकाउंट में ब्योरा अपडेट कर दिया जाना चाहिए।

दावा, हम नहीं देते कोई दबाव
एक तरफ तेल कंपनियां ग्राहकों को हर पांच साल में उनके डिस्ट्रीब्यूटर से सुरक्षा हौज पाइप लेने का दबाव बना रही हैं तो दूसरी तरफ उनका दावा है कि कंपनी किसी ग्राहक पर कोई उत्पाद खरीदने का दबाव नहीं बनाती हैं। हम ग्राहक को सिर्फ यह सलाह देते हैं कि कौन सा उत्पाद ज्यादा अच्छा है। इसे लेकर ग्राहकों में भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है।

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बड़ा बाजार, प्रदेश में तकरीबन पांच करोड़ उपभोक्ता
उत्तर प्रदेश में रसोई गैस ग्राहकों की संख्या तकरीबन पांच करोड़ है। ऐसे में तेल कंपनियों के लिए पाइप का यह बहुत बड़ा बाजार भी है। यानी हर पांच साल पर तेल कंपनियों को साढ़े नौ अरब रुपये का बड़ा बाजार मिल गया है। यानी हर साल 1.90 अरब रुपये तेल कंपनियों के पास आसानी से आ जाएंगे। इसमें तेल कंपनियां खूब मुनाफा कमाएंगी।

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तेल कंपनियों की रिसर्च विंग उच्चकोटि की सुरक्षा हौज पाइप का निर्माण करती है। तीन लेयर की इस पाइप को यदि चूहे काटते भी हैं तो गैस लीक नहीं करती है। जिस तरह अन्य कंपनियां अपने जेनुइन स्पेयर पार्ट्स के ही इस्तेमाल की सलाह देती हैं उसी तरह तेल कंपनी भी अपने उत्कृष्ट पाइप के इस्तेमाल की सलाह देती है। पाइप का ब्योरा ग्राहक के एकाउंट नंबर पर भी दर्ज किया जाता है। इससे पता चलता है कि ग्राहक को कब पाइप बदलना है। हर ग्राहक का बीमा होता है। यदि कोई दुर्घटना होती है तो इस पाइप का इस्तेमाल करने वालों को क्लेम मिलने में दिक्कत नहीं होती है।

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-भोद्रो लाकरा, स्टेट एलपीजी हेड, उत्तर प्रदेश राज्य कार्यालय-1