कागज पर बदला इतिहास... जनगणना 2027 की अनुदेश पुस्तिका में स्वतंत्रता के वर्ष ही गलत दर्ज
भारत की जनगणना 2027 की अनुदेश पुस्तिका में देश की आजादी, पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति के वर्षों को गलत ...और पढ़ें

भारत की जनगणना 2027 की अनुदेश पुस्तिका में दी गई है गलत जानकारी। जागरण
HighLights
जनगणना 2027 पुस्तिका में आजादी का वर्ष 1942।
पाकिस्तान युद्ध 1964, बांग्लादेश मुक्ति 1972 बताया।
गृह मंत्रालय की पुस्तिका में गलतियाँ देख अधिकारी हैरान।
दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। भारत की जनगणना 2027 की अनुदेश पुस्तिका में देश की आजादी का वर्ष गलत बताया गया है। अनुदेश पुस्तिका में देश की आजादी का वर्ष 1942 अंकित है। जबकि देश आजाद हुआ था वर्ष 1947 में। इसके साथ ही पाकिस्तान युद्ध का वर्ष 1964 और बांग्लादेश की मुक्ति का वर्ष 1972 लिखा गया है, जबकि पाकिस्तान युद्ध वर्ष 1965 और बांग्लादेश की मुक्ति वर्ष 1971 लिखा होना चाहिए। जनगणना पुस्तिका पर इस तरह की गलती देख प्रशिक्षण ले रहे अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक भी हैरान हैं।
जनगणना की विधि के लिए 22 अक्टूबर से प्रशिक्षण देने की शुरुआत की गई है। इसके लिए जनसंख्या गणना अनुदेश पुस्तिका का प्रकाशन किया गया है। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की ओर से प्रकाशित इस पुस्तिका में 171 पृष्ठ तक प्रशिक्षण के तरीके के बारे में बताया गया है।
-1793157155697.webp)
कापीराइट के साथ लिखा है कि, संगठन की पूर्व अनुमति के बिना इस अनुदेश पुस्तिका के किसी भी भाग/अंश को दोबारा नहीं बनाया जा सकता, किसी पुनर्प्राप्ति प्रणाली (रिट्रीवल सिस्टम) में एकत्रित नहीं किया जा सकता और न ही किसी अन्य रूप/तरीके से जैसे इलेक्ट्रानिक, मैकेनिकल, फोटोकापी, फोटोकापी रिकार्डिंग या किसी और रूप/तरीके से आगे भेजा जा सकता है।
यह भी पढ़ें- मदीना में फंसे गोरखपुर के 40 जायरीन, घर वापसी का इंतजार=
जनगणना से जनकल्याण तक
पुस्तिका के सबसे पीछे के पृष्ठ पर जनगणना से जन कल्याण का स्लोगन दिया गया है। हर पेज पर नीचे की तरफ हमारी जनगणना, हमारा विकास का स्लोगन लिखा है। पेज नंबर तीन पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त गृह मंत्रालय भारत सरकार मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जनगणना के उद्देश्य से लगायत अन्य कार्यों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है। इस पर तिथि 17 सितंबर, 2026 लिखा है।
