जागरण एजेंडा: गोरखपुर में अतिक्रमण और बदहाल सुविधाओं ने छीनी रुस्तमपुर बाजार की रौनक
गोरखपुर का रुस्तमपुर बाजार अतिक्रमण, खराब बुनियादी सुविधाओं और जाम से जूझ रहा है, जिससे ग्राहक बाजार से दूरी बना ...और पढ़ें

आजाद चौक से चिलमापुर रोड पर बने गड्ढे और जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी। जागरण
HighLights
रुस्तमपुर बाजार अतिक्रमण और खराब सुविधाओं से जूझ रहा है।
ठेले, आटो और गंदगी से ग्राहक बाजार से दूर हो रहे हैं।
खुले नाले, गड्ढे और यूरिनल की कमी व्यापार घटा रही है।
राजीव रंजन, गोरखपुर। गोलघर-घंटाघर के बाद शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल रुस्तमपुर बाजार इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की कमी और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। रुस्तमपुर ढाला से चंद्रशेखर आजाद चौक तक सड़क के दोनों ओर जगह-जगह ठेले लगे होने से बाजार की सूरत बिगड़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि अतिक्रमण और अव्यवस्था का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने और दुकानों के सामने रुकने में परेशानी होती है, जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है।
व्यापारियों के अनुसार कई मकान मालिक और दुकानदार अपनी दुकानों के सामने ठेले लगवाकर उनसे रोजाना वसूली करते हैं। आरोप लगाते हुए कई दुकानदारों ने कहा कि एक ठेले से करीब 150 से 200 रुपये तक लिए जाते हैं। इससे सड़क और फुटपाथ पर ठेलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बाजार में आने वाले ग्राहकों के लिए पैदल चलने तक की जगह कई स्थानों पर नहीं बचती। दुकानदारों का कहना है कि जिन दुकानों के सामने ठेले खड़े होते हैं, वहां ग्राहक वाहन रोकने या कुछ देर खड़े होने से भी बचते हैं।
रुस्तमपुर ढाला पर आटो से जाम, नहर रोड का रुख कर रहे लोग
रुस्तमपुर ढाला पर आटो चालकों का जमावड़ा भी बाजार की समस्या बढ़ा रहा है। सड़क पर आटो खड़े रहने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। बाजार की ओर आने वाले लोगों को इस हिस्से से गुजरने में परेशानी होती है। व्यापारियों के मुताबिक कई लोग जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए रुस्तमपुर बाजार आने के बजाय नहर रोड से आवागमन करना पसंद कर रहे हैं। इसका असर बाजार में ग्राहकों की आवाजाही पर पड़ रहा है।

नाला सफाई के बाद सड़क किनारे छोड़ दी जाती है सिल्ट
दुकानदारों की एक बड़ी समस्या नाला सफाई को लेकर भी है। नालों से निकाली गई सिल्ट सड़क किनारे तीन से चार दिनों तक पड़ी रहती है। इस दौरान दुर्गंध और गंदगी के कारण दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। वर्षा होने पर यही सिल्ट कीचड़ में बदलकर सड़क पर फैल जाती है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक गंदगी के बीच से होकर दुकानों तक पहुंचना पसंद नहीं करते। इससे दुकानदारों को ग्राहकों के इंतजार में समय बिताना पड़ता है और कारोबार प्रभावित होता है।
आजाद चौक से हनुमान मंदिर तक सड़क में गड्ढे
बगहा बाबा मंदिर और चिल्मापुर की ओर जाने वाली सड़क पर चंद्रशेखर आजाद चौक से हनुमान मंदिर तक सड़क की हालत भी लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी होती है। व्यापारियों का कहना है कि यह सड़क कई वर्षों से बदहाल है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। बाजार से जुड़े मार्गों की खराब स्थिति भी ग्राहकों की आवाजाही को प्रभावित कर रही है।

खुले नाले हादसे का खतरा
आजाद चौक से रुस्तमपुर की ओर जाने पर बाईं ओर की पटरी पर नाले के ऊपर कई स्थानों पर स्लैब नहीं हैं। खुले नाले के कारण पैदल चलने वालों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों के मुताबिक बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित और साफ रास्ता उपलब्ध होना जरूरी है। बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का असर बाजार की छवि और व्यापार दोनों पर पड़ रहा है।
महिलाओं के लिए अलग यूरिनल तक नहीं
बाजार में सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। यूरिनल मौजूद है, लेकिन उसकी स्थिति बदहाल है। महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि इतने बड़े बाजार में महिला ग्राहकों और दुकानदारों की सुविधा के लिए स्वच्छ और सुरक्षित सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। सुविधाओं की कमी के कारण बाजार में लंबे समय तक रुकने वाले ग्राहकों को परेशानी होती है।

बाेले व्यापारी
रुस्तमपुर ढाला से आजाद चौक तक अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। दुकानों के सामने ठेले लगने से ग्राहकों के लिए रास्ता और दुकान के सामने खड़े होने की जगह नहीं बचती। बाजार की यह स्थिति सीधे व्यापार को प्रभावित कर रही है। प्रशासन को स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाकर बाजार को व्यवस्थित करना चाहिए। -अमित टिबरेवाल, अध्यक्ष, रुस्तमपुर व्यापार संगठन
रुस्तमपुर ढाला पर आटो चालक सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं। इससे दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है और बाजार आने वाले लोगों को परेशानी होती है। कई लोग इस रास्ते से आने के बजाय नहर रोड का इस्तेमाल करते हैं। इससे बाजार में ग्राहकों की संख्या प्रभावित होती है।निगम को इस पर सख्ती करनी चाहिए। -गुलाबचंद गुप्ता, उपाध्यक्ष, रुस्तमपुर व्यापार संगठन
दुकानों और मकानों के सामने ठेले लगवाने की व्यवस्था ने बाजार की समस्या बढ़ा दी है। व्यापारियों के अनुसार ठेले वालों से 150 से 200 रुपये तक लिए जाते हैं। सड़क और पटरी पर जगह घिरने से दुकानों की दृश्यता और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। इस व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए। -अमित गुप्ता, महासचिव, रुस्तमपुर व्यापार संगठन
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रुस्तमपुर जैसे प्रमुख बाजार में स्वच्छ यूरिनल, महिलाओं के लिए अलग सुविधा, साफ नाले और सुरक्षित फुटपाथ होना जरूरी है। नाला सफाई के बाद सिल्ट कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ी रहती है। वर्षा में यही गंदगी कीचड़ बन जाती है। इससे ग्राहक बाजार में आने से कतराते हैं और व्यापार प्रभावित होता है।-दिनेश सराफ, संरक्षक, रुस्तमपुर व्यापार संगठन
