गोरखपुर में मदमस्त हो रहा 'गंगा प्रसाद हाथी', चौकन्ना हुआ चिड़ियाघर प्रशासन
गंगा प्रसाद हाथी के मदमस्त होने के शुरुआती लक्षण मिलने के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर प्रशासन सतर्क हो गया है। हाथी ...और पढ़ें
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गंगा प्रसाद। जागरण
HighLights
गंगा प्रसाद हाथी के मदमस्त होने के शुरुआती लक्षण मिले हैं।
गोरखपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने हाथी की निगरानी काफी बढ़ा दी है।
हाथी गंगा प्रसाद पहले चार लोगों को कुचलकर मार चुका है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में गंगा प्रसाद मदमस्त हो रहा है। शुरुआती लक्षण मिलने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन चौकन्ना हो गया है। उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है। बाड़ा कीपर या महावत गंगा प्रसाद पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मदमस्त होने के दौरान गंगा प्रसाद काफी उत्पात मचाता है और चिड़ियाघर प्रशासन के लोग परेशान रहते हैं। पूर्व में जब वह विनोद वन में था तो वन विभाग के कई लोगों के जान पर बन आई थी।
वन विभाग ने बिगड़ैल हाथी गंगा प्रसाद को पहले विनोद वन में रखा था। तीन वर्ष पूर्व वहां जब मदमस्त हुआ तो काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। महावत व डाक्टर पर हमले का भी प्रयास किया था। कई दिन के प्रयास के बाद उस पर नियंत्रण पाया गया। शासन के आदेश पर उसे चिड़ियाघर में शिफ्ट किया गया।

18 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ एकड़ क्षेत्रफल में बाड़ा बनाया गया है। तब से गंगा प्रसाद इसी में रह रहा है। हर वर्ष जब वह मदमस्त होता तो चिड़ियाघर प्रशासन काफी परेशान रहता है। इस बार भी उसके मदमस्त होने के शुरुआती लक्षण मिलने लगे हैं। इसको लेकर चिड़ियाघर प्रशासन के लोग चौकन्ना हो गए हैं। महावत या बाड़ा कीपर लगातार नजर रख रहे हैं और इसकी सूचना लगातार जेल के चिकित्सक को दे रहे हैं।
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कलश यात्रा में बिदक गया था
एक यज्ञ में कलश यात्रा के साथ चल रहा गंगा प्रसाद अचानक बिदक गया था। इससे भगदड़ मच गई थी। अब तक वह चार लोगों को कुचलकर मार डाला है। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़कर विनाेद वन में रख दिया था। वहां उसकी देखरेख की जा रही थी।
तीन वर्ष पूर्व शासन के आदेश पर उसे चिड़ियाघर में लाकर रखा गया और तभी से उसका ठिकाना यहीं है। दर्शकों व चिड़ियाघर प्रशासन के लोगों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उसका बाड़ा काफी मजबूत बनाया गया है।
