गोरखपुर से एक दिन में घूम आएं ये खूबसूरत जगहें, सुबह निकलें और शाम तक घर वापसी
Tourist Places in Gorakhpur: गोरखपुर से एक दिन की यात्रा के लिए कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें धार्मिक, ऐतिहासिक ...और पढ़ें

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HighLights
कुशीनगर में बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली और बौद्ध मंदिर देखें।
मगहर में संत कबीर की विरासत और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव करें।
गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस और रामगढ़ ताल का आनंद लें।
विवेक शुक्ला, गोरखपुर। घूमने-फिरने के लिए हमेशा दो-चार दिन की छुट्टी और लंबी यात्रा की जरूरत नहीं होती। अगर आपके पास सिर्फ एक दिन का समय है, तो भी गोरखपुर से निकलकर आसपास के कई पर्यटन स्थलों (Places to Visit in Gorakhpur) की सैर की जा सकती है। सुबह घर से निकलें, दिनभर अलग-अलग जगहों की खूबसूरती, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का आनंद लें और शाम तक वापस गोरखपुर लौट आएं।
खास बात यह है कि यहां हर तरह के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। धार्मिक पर्यटन में रुचि रखने वालों के लिए मंदिर और आध्यात्मिक स्थल हैं, तो बौद्ध विरासत और इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए कुशीनगर, कपिलवस्तु जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। वहीं परिवार के साथ सुकून के कुछ घंटे बिताने वालों के लिए रामगढ़ ताल और नौका विहार जैसे स्थान भी आकर्षण का केंद्र हैं।
गोरखपुर (Gorakhpur Travel) की भौगोलिक स्थिति भी इसे एक दिन की यात्राओं के लिए खास बनाती है। जिले से आसपास के कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। गोरखपुर प्रशासन भी जिले को कुशीनगर, कपिलवस्तु और नेपाल की यात्रा के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिंग प्वाइंट के रूप में बताता है। ऐसे में अगर आप छुट्टी के लिए लंबी योजना नहीं बना पा रहे हैं, तो एक दिन में गोरखपुर और आसपास की सैर आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। बस जरूरत है सही रूट और समय के हिसाब से यात्रा की योजना बनाने की।

कुशीनगर: बुद्ध की धरती पर एक दिन
गोरखपुर से करीब 51 किलोमीटर दूर कुशीनगर एक दिन की यात्रा के लिए सबसे बेहतर विकल्पों में है। यहां भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली, महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप, विभिन्न बौद्ध मंदिर और संग्रहालय देखे जा सकते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार कुशीनगर गोरखपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते जुड़ा है।
ऐसे बनाएं दिन का प्लान
सुबह गोरखपुर से निकलें- महापरिनिर्वाण मंदिर- रामाभार स्तूप- बौद्ध मंदिर- संग्रहालय- शाम तक गोरखपुर वापसी।

मगहर: जहां कबीर की विरासत साथ-साथ दिखती है
गोरखपुर से घूमने के लिए मगहर भी अच्छा विकल्प है। संत कबीर की स्मृतियों से जुड़ा यह स्थल इतिहास और आध्यात्मिकता दोनों का अनुभव कराता है। गोरखपुर प्रशासन की पर्यटन सूची में मगहर को ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में शामिल किया गया है।
किसके लिए बेहतर: परिवार, इतिहास और साहित्य में रुचि रखने वाले लोग।

कपिलवस्तु- बौद्ध इतिहास को करीब से जानें
करीब 97 किलोमीटर दूर कपिलवस्तु उन लोगों के लिए खास है जो घूमने के साथ इतिहास को समझना चाहते हैं। यहां बुद्ध से जुड़े प्राचीन अवशेष, स्तूप और मठों के अवशेष देखने को मिलते हैं। गोरखपुर जिला प्रशासन इसे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे स्थल के तौर पर बताता है।
गोरखपुर में ही बनाएं पूरा दिन घूमने का प्लान
अगर बाहर जाने का मन नहीं है तो शहर में ही एक दिन की ट्रिप तैयार की जा सकती है। गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे संग्रहालय, रामगढ़ ताल और नौका विहार जैसे स्थानों को एक दिन के कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। जिला प्रशासन की पर्यटन सूची में भी ये प्रमुख आकर्षण दर्ज हैं।
फैमिली प्लान
सुबह गोरखनाथ मंदिर- गीता प्रेस- दोपहर का भोजन- रामगढ़ ताल/नौका विहार- शाम को वापसी।

निकलने से पहले ये जरूर देखें
- सुबह जल्दी निकलें, ताकि लौटने के लिए पर्याप्त समय रहे।
- लंबी दूरी वाले रूट पर जाने से पहले सड़क और सीमा क्षेत्र की स्थिति जांच लें।
- मंदिर, संग्रहालय के खुलने का समय पहले देख लें।
- परिवार और बच्चों के साथ जा रहे हैं तो भोजन और पानी की व्यवस्था साथ रखें।
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