गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथियों का इंतजार बढ़ा, गंगा प्रसाद को साथी के लिए करना होगा और इंतजार
गोरखपुर चिड़ियाघर में बनकर तैयार हाथी बाड़ा के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का समय न मिलने के कारण दुधवा और ...और पढ़ें
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गंगा प्रसाद हाथी। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री के समय न मिलने से हाथी बाड़ा उद्घाटन में देरी।
दुधवा-पीलीभीत से हाथियों का आगमन फिलहाल टला, गंगा प्रसाद अकेला।
बाड़ा बुजुर्ग हाथियों और बच्चों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनेगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चिड़ियाघर में बनकर तैयार हाथी बाड़ा के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का समय नहीं मिल सका है। इसलिए दुधवा व पीलीभीत से हाथी अभी चिड़ियाघर नहीं लाए जाएंगे। ऐसे में यहां रहने वाले हाथी गंगा प्रसाद को साथी के लिए इंतजार करना होगा।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान प्रदेश का पहला चिड़ियाघर है, जहां हाथी के लिए बाड़ा बनाया गया है। यहां हाथियों के उपचार के लिए भी व्यवस्था है। फिलहाल चिड़ियाघर के बाड़े में हाथी गंगा प्रसाद रह रहा है। 2022 में कलश यात्रा के दौरान बिदक कर तीन लोगों की जान लेने वाले गंगा प्रसाद को साथी का इंतजार है।
दुधवा व पीलीभीत से हाथियों के चिड़ियाघर लाने की बात चल रही है। 17 करोड़ रुपये की लागत से बने बाड़ा के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का समय मिलने का इंतजार है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री का समय मिलने के बाद ही हाथी को लाने की योजना है। 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले हाथी बाड़ा में तीन नाइट सेट, तीन फीडिंग प्लेटफार्म, एक कच्चा व एक पक्का तालाब, दो एलिफेंट रिस्ट्रेनिंग डिवाइस (ईआरडी), गर्मी में नहाने के लिए सावर सहित अन्य सुविधाएं हैं।
हाथी बाड़ा के प्रथम फेज का उद्घाटन पहले ही हो चुका है। चिड़ियाघर प्रशासन द्वितीय फेज का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने के उपरांत दुधवा व पीलीभीत से हाथी लाने की तैयारी में है। उप निदेशक ने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की तो उन्होंने दो से आठ अक्टूबर तक मनाए जाने वाले राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह में समय देने का आश्वासन दिया था।
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बुजुर्ग हाथी और बच्चों का होगा सुरक्षित ठिकाना
हाथियों को दुधवा व पीलीभीत राष्ट्रीय उद्यान के एलीफेंट कैंप में रखा गया है। जंगली हाथी कभी-कभी कैंप में घुसकर हमला कर देते हैं। ऐसे में वहां के बुजुर्ग हाथी एवं उनके छोटे बच्चों को यहां सुरक्षित बाड़ा मिल जाएगा।
