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गोरखपुर में दर्द न दें सड़क के गड्ढे, पसीना बहा रही युवा टोली

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:38 PM (IST)

गोरखपुर में सोनू के नेतृत्व में युवाओं की एक टोली सड़कों के गड्ढे भर रही है और ब्रेकरों पर पेंटिंग ...और पढ़ें

रेल म्युजियम से सटे रेलवे स्टेशन पर जाने वाले मार्ग के गड्ढे भरते युवा। जागरण

रेल म्युजियम से सटे रेलवे स्टेशन पर जाने वाले मार्ग के गड्ढे भरते युवा। जागरण

HighLights

  1. युवा टोली कुदाल-बेलचा लेकर भरती है सड़क के गड्ढे।

  2. सोनू और दोस्त अपने खर्च पर करते हैं यह सेवा कार्य।

  3. ब्रेकरों पर पेंटिंग कर रात में वाहन चालकों को करते सतर्क।

संगम दुबे, गोरखपुर। युवाओं की एक टोली रोज सुबह सड़क पर निकलती है। मंजिल होती है आम राहगीरों का सुकून। इसके लिए यह टोली सड़क के गड्ढों के पास रुकती है। कुदाल और टोकरी लिए ये युवा आसपास से गिट्टी-मिट्टी लेकर गड्ढों को भरती है। गड्ढे भरकर यह टीम अगले पड़ाव पर पहुंच जाती है। बिना किसी प्रसिद्धि की चाह लिए लोगों की राह आसान करते नेपथ्य के इन नायकों ने शहर के कई मार्गों के गड्ढे पाटे हैं।

काम के दौरान लोग पहले इन्हें किसी कार्यदायी संस्था के श्रमिक समझते हैं, लेकिन जैसे ही काम पूरा कर ये कपड़े बदलकर अपनी बाइक पर फर्राटा भरने को अग्रसर होते हैं, तो गाड़ियों पर इनके इंस्टा और यूट्यूब चैनल का लिंक देखकर सोच बदल जाती है। लिंक खोलते ही इनके सेवा कार्यों की लंबी शृंखला नुमाया होती है, जहां हर वीडियो पर इन्हें खूब सराहना भी मिल रही है।

इस टोली की पहल के पीछे चौरीचौरा क्षेत्र के बेलवा ब्रह्मपुर निवासी 22 वर्षीय सोनू की सोच है। रोज गांव से बाइक से गोरखपुर आने के दौरान उन्होंने सड़क पर एक गड्ढा देखा। राहगीरों को उससे होती परेशानी ने उन्हें कुछ करने के लिए गंभीर किया। सोनू ने कुछ दोस्तों से बात की तो धीरज, करन और अभिषेक भी इस काम में साथ जुड़ गए। इसके बाद जहां कहीं सड़क पर गड्ढा दिखता है, टोली वहां रुककर उसे भरने में जुट जाती है।

सोनू बताते हैं कि अधिकांश दुर्घटनाओं की वजह सड़क के गड्ढे और रात में पर्याप्त रेडियम न होना भी होता है। ऐसे में यदि उनके प्रयास से एक भी व्यक्ति दुर्घटना से बच जाता है तो उन्हें सुकून मिलता है। टोली ने अपने खर्चे से कुदाल, बेलचा और अन्य सामान खरीदा है। गड्ढों को भरने के साथ ही सड़क पर बने ब्रेकरों पर पेंट भी किया जाता है, ताकि रात में वाहन चालकों को वह दूर से दिखाई दे सके।

पढ़ाई के साथ सेवा, शाम को कारोबार
सोनू आइटीआइ चरगांवा से फिटर ट्रेड की पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में पिता खेती करते हैं। पढ़ाई के साथ वह फास्ट फूड का कारोबार भी करते हैं। दिन में समय निकालकर दोस्तों के साथ सड़क के गड्ढे भरते हैं और शाम को अपने व्यवसाय में जुट जाते हैं। इस पूरी मुहिम को वह इंटरनेट मीडिया के जरिये लोगों तक भी पहुंचाते हैं। सेवा कार्य के दौरान बनाए गए वीडियो इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर साझा किए जाते हैं। इससे उन्हें लोगों का प्रोत्साहन भी मिलता है।

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कई प्रमुख मार्गों पर पहुंची टोली
युवा टोली अब तक शहर के कई स्थानों पर सड़क के गड्ढे भर चुकी है। ह्वी पार्क के बगल, रेल म्यूजियम रोड, नौकाविहार गेट और मेडिकल रोड पर गड्ढों को भरने का काम किया गया है। मोहद्दीपुर में सड़क पर सीमेंट जम जाने से राहगीरों को हो रही परेशानी को देखते हुए उसे भी तोड़कर रास्ता समतल किया गया। सोनू कहते हैं कि शुरुआत उन्होंने अकेले सोची थी, लेकिन दोस्तों के साथ जुड़ने के बाद काम आसान होता गया।

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