गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब एक क्लिक पर मिलेंगे देश-दुनिया के शोध, इन्फ्लिबनेट से समृद्ध होगी पढ़ाई
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध और अध्ययन को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने के लिए 'इन्फ्लिबनेट सर्विसेज एंड ओएनओएस' पर ...और पढ़ें

गोरखपुर विश्वविद्यालय। जागरण
HighLights
गोरखपुर विश्वविद्यालय में इन्फ्लिबनेट सेवाओं पर कार्यशाला आयोजित।
शोध और अध्ययन को डिजिटल संसाधनों से जोड़ा जाएगा।
कुलपति ने इन्फ्लिबनेट सेवाओं के उपयोग पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध और अध्ययन को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में पहल की गई है। विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथालय एवं यूजीसी-इन्फ्लिबनेट सेंटर, गांधीनगर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ‘इन्फ्लिबनेट सर्विसेज एंड ओएनओएस’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इसका उद्घाटन करते हुए शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से इन्फ्लिबनेट की विभिन्न सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर दिया। कार्यशाला के लिए 729 लोगों ने आनलाइन पंजीकरण कराया, जबकि सभागार में साढ़े तीन सौ से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि ओएनओएस (वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन), शोध-चक्र, विद्वान डाटाबेस, शोध शुद्धि और शोधगंगा जैसी सुविधाएं शोध एवं अध्ययन के स्तर को बेहतर बनाने में उपयोगी हैं। इनके प्रभावी उपयोग से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण सशक्त होगा और शिक्षकों तथा शोधार्थियों को नवीनतम शोध साहित्य तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. दिनेश यादव ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजवंत राव ने भी विचार रखे। लाइब्रेरियन डा. विभाष कुमार मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इन्फ्लिबनेट की सेवाएं विश्वविद्यालय में शिक्षण, अध्ययन और शोध को नई दिशा देंगी।
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इन्फ्लिबनेट सेंटर के वैज्ञानिक डा. नवनीत शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शोध-चक्र की उपयोगिता बताई। वैज्ञानिक हितेश कुमार सोलंकी ने आनलाइन जुड़कर विद्वान डाटाबेस और ओएनओएस की सेवाओं तथा उपयोगकर्ता प्रबंधन की जानकारी दी। डा. राजा वी ने आफ-कैंपस एक्सेस के माध्यम से ओएनओएस संसाधनों के उपयोग की प्रक्रिया समझाई। वैज्ञानिक मनोज कुमार ने शोध-चक्र, विद्वान, शोध शुद्धि और शोधगंगा की विशेषताओं से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. आमोद राय ने किया तथा आभार ज्ञापन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. दिव्या रानी सिंह ने किया।
