विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर में मां कोटेदार, बेटा प्रधान, कम राशन का विरोध तो मिलती फटकार

Published: Sat, 17 Oct 2026 10:49 AM (IST)

गोरखपुर के जैनपुर गांव में राशन वितरण में धांधली और घटतौली की पुष्टि होने पर आपूर्ति विभाग ने कोटे की ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. जैनपुर गांव में राशन वितरण में धांधली की पुष्टि।

  2. कोटेदार सैकुन निशा की दुकान निलंबित की गई।

  3. ग्राम प्रधान बेटे द्वारा कार्डधारकों से अभद्रता।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भटहट ब्लाक के जैनपुर गांव में राशन वितरण में धांधली, घटतौली और विरोध करने पर ग्राम प्रधान द्वारा कार्डधारकों से अभद्रता की पुष्टि हुई है। आपूर्ति विभाग ने कोटे की दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया है। कोटे की दुकान सैकुन निशा के नाम से है और उनका बेटा वाजिद अली ग्राम प्रधान है।

गेहूं की जगह ज्यादातर कार्डधारकों को चावल दिया जाता था और जबरदस्त घटतौली की जाती थी। अन्त्योदय कार्डधारकों को हर तीन महीने पर मिलने वाली तीन किलोग्राम चीनी का भी रेट ज्यादा लिया जाता था। 18 रुपये प्रति किलोग्राम की जगह कार्डधारकों से 20 रुपये प्रति किलोग्राम लिए जाते थे।

जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम जैनपुर की कोटेदार सैकुन निशा की कोटे की दुकान तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। कोटेदार को निर्देश दिया गया है कि वह एक सप्ताह के भीतर जुलाई, अगस्त और सितंबर की सभी योजनाओं के खाद्यान्न स्टाक रजिस्टर सहित अपना लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करें। कार्डधारकों को असुविधा न हो, इसके लिए निलंबित दुकान को उसी गांव के दूसरे कोटेदार रंजीत कुमार निषाद की दुकान से सम्बद्ध कर दिया गया है।

यह है मामला
जैनपुर निवासी नेबूलाल गुप्ता ने कोटे की दुकान में अनियमितता की तीन सितंबर को शिकायत की थी। इसके बाद पूर्ति निरीक्षकों की टीम ने 27 सितंबर को गांव में जाकर जांच की थी। जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अन्त्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को कटौती कर राशन देने व ई-पाश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद दूसरे तराजू से तौल कर घटतौली का मामला सामने आया था।

कार्डधारकों ने बताया कि हर बार कम राशन दिया जाता था। घर जाकर तौल कराने पर राशन और कम मिलता था। कोटेदार से शिकायत करने पर उसका ग्राम प्रधान पुत्र अभद्रता करता था।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर एम्स में बड़ा एक्शन, ईमेल का जवाब न देने पर सहायक प्रोफेसर निलंबित


कमीशन बढ़ा पर कोटेदारों का रवैया पुराना
प्रदेश सरकार ने कोटेदारों का कमीशन बढ़ा दिया है लेकिन ज्यादातर जगहों पर घटतौली, गेहूं की जगह चावल देने, दूसरी जगह के कार्डधारक को कम राशन देने, चीनी के ज्यादा रुपये लेने की शिकायतें जस की तस हैं। मेडिकल कालेज रोड पर फर्टिलाइजर गेट के पास खुली कोटे की दुकान पर भी पूरा राशन नहीं मिलता है। कार्डधारकों का कहना है कि तकरीबन दो किलोग्राम वजन के प्लास्टिक की बाल्टी में राशन तौला जाता है। यदि कार्डधारक दूसरी जगह का है तो उसे पांच किलोग्राम कम राशन दिया जाता है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग करने हॉस्टल पहुंचे सीनियर छात्र, प्राचार्य ने लगाई फटकार