गोरखपुर एम्स में बड़ा एक्शन, ईमेल का जवाब न देने पर सहायक प्रोफेसर निलंबित
गोरखपुर एम्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजनंदन गुप्ता को ईमेल का जवाब न देने पर निलंबित कर दिया गया है। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
एम्स गोरखपुर के सहायक प्रोफेसर निलंबित।
ईमेल का जवाब न देना बना निलंबन का कारण।
संस्थान में पहले भी हुई है CVC जांच।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स के सहायक प्रोफेसर डा. बृजनंदन गुप्ता को ई मेल का जवाब न देने पर निलंबित कर दिया गया है। कार्यकारी निदेशक डा. विभा दत्ता ने कार्रवाई की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि इस संबंध में संस्थान के अध्यक्ष डा. (प्रोफेसर) हेमंत कुमार ही जानकारी दे पाएंगे।
उन्होंने ही कार्रवाई का आदेश जारी किया है। मिली जानकारी के अनुसार सहायक प्रोफेसर से तीन और चार अक्टूबर को भेजे गए एक ईमेल पर जवाब मांगा गया था। आरोप है कि इसको लेकर उन्होंने अनुशासनहीनता की। ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। इस वजह से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। वह पूर्व में भी संस्थान में उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
नवंबर 2022 में फेस रिकाग्निशन सिस्टम से हाजिरी अनिवार्य किए जाने के बाद उन्होंने ईमेल भेजकर कई प्रश्न पूछे। तब यह मामला काफी चर्चा में रहा। एम्स के दो उच्चाधिकारियों की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग से की गई है। इस मामले में भी जांच चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि प्रकरण को लेकर भी निलंबित किए गए सहायक प्रोफेसर पर उंगली उठी है। पूर्व में अनियमितता के मामले में एक कार्यकारी निदेशक, एक विभागाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में डा. बृजनंदन के निलंबन को लेकर भी तरह- तरह के सवाल उठने लगे हैं।
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कार्रवाई के बाद से ही परिसर में चर्चा है कि कुछ माह पूर्व ही एम्स में केंद्रीय सतर्कता आयोग की टीम ने जांच की थी। हालांकि एम्स के अधिकारियों ने इसे रूटीन जांच बताया था। तब कार्यकारी निदेशक ने कहा था कि टीम समय-समय पर निरीक्षण करने आती रहती है।
