गोरखपुर में बारिश से बचने झोपड़ी में बैठे लोगों पर गिरा मौत का पेड़, तीन की दर्दनाक मौत
गोरखपुर के करमैनीघाट में बारिश से बचने के लिए झोपड़ी में बैठे तीन लोगों की साखू का पेड़ गिरने से ...और पढ़ें
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खाट पर शव लेकर मुख्य मार्ग की ओर जाते ग्रामीण। जागरण
HighLights
करमैनीघाट में बारिश से बचने झोपड़ी में बैठे थे लोग।
पुराना साखू का पेड़ झोपड़ी पर गिरने से हुआ हादसा।
सुभाष, ज्ञानमती देवी और 13 वर्षीय किशन प्रजापति की मौत।
संवाद सूत्र, करमैनीघाट, गोरखपुर। बारिश से बचने के लिए झोपड़ी में बैठे लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पल बाद यही झोपड़ी उनके लिए हादसे की जगह बन जाएगी। शनिवार शाम करीब चार बजे लक्ष्मीपुर द्वितीय ग्राम पंचायत के गजरहिया टोले में पुराना साखू का पेड़ अचानक राजेंद्र प्रजापति की झोपड़ी पर भरभराकर गिर पड़ा।
राजेंद्र प्रजापति की झोपड़ी गांव से सटे सिवान में बनी है। शनिवार को लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान सुभाष मजदूरी से लौटकर बारिश से बचने के लिए झोपड़ी में बैठे थे। ज्ञानमती देवी खेत की तरफ से लौट रही थीं और बारिश के कारण झोपड़ी के पास पहुंचीं। 13 वर्षीय किशन प्रजापति भी वहां मौजूद था। झोपड़ी में दबे लोगों की चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े।
मलबा हटाने के साथ ही अंदर दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। घायलों काे निकालने के बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम कैंपियरगंज और सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कैंपियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्य की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन भी कराया जा रहा है।
मुख्य सड़क तक चारपाई पर ले आए शव
घटनास्थल मुख्य सड़क से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर अंदर है। वहां तक वाहन पहुंचने की सुविधा नहीं होने के कारण राहत और बचाव कार्य में ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीण चारपाई पर शवों को लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हादसे में सुभाष और ज्ञानमती देवी की मौत की पुष्टि हुई थी। जांच के बाद 13 वर्षीय किशन प्रजापति की भी मृत्यु की पुष्टि हुई।
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मजदूरी कर परिवार चलाते थे सुभाष
मृतक सुभाष की उम्र 55 वर्ष थी और वह मजदूरी करते थे। शनिवार को भी बारिश के बीच वह सुरक्षित स्थान की तलाश में झोपड़ी में पहुंचे थे। ज्ञानमती देवी खेत की तरफ से लौटते समय बारिश में फंस गईं। 13 वर्षीय किशन प्रजापति की मौत ने हादसे को और पीड़ादायक बना दिया। घटना के बाद गजरहिया टोले में मातम छा गया। जिस झोपड़ी के नीचे लोग बारिश से बचने के लिए बैठे थे, वही कुछ देर बाद मलबे का ढेर बन गई।
