'यकीन नहीं हो रहा, अपने शहर की सड़क पर हूं...', गोरखपुर में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात
गोरखपुर में शाम की मूसलाधार बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी, जिससे सड़कों पर कमर तक ...और पढ़ें

जल मग्न बेतियाहाता रोड। जागरण
HighLights
शाम की मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर के ड्रेनेज सिस्टम को उजागर किया।
शहर की सड़कों पर कमर से तीन-चार फीट तक पानी भर गया।
धर्मशाला और तरंग ओवरब्रिज सहित कई इलाकों में यातायात ठप।
प्रदीप श्रीवास्तव, गोरखपुर। शाम चार बजे के बाद जिस तरह मूसलाधार बारिश हुई उससे शहर के ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरियां सड़कों पर उतराने लगीं, यकीन नहीं हो रहा था कि अपने शहर की सड़क पर हूं। 35 वर्ष में गोरखपुर शहर में इतना पानी कभी नहीं देखा। मुंबई की बाढ़ वाली भावनाएं जीवंत हो गईं। अर्बन फ्लड और फ्लैश फ्लड जैसी शब्द सुनते रहे थे, लेकिन पहली बार पानी ने इस कदर डराया।
बारिश की आशंका के कारण तमाम इंतजाम करके निकला। किसी तरह धर्मशाला ओवरब्रिज तक आ गया। यहां कमर तक पानी था, तिवारी हाता गली के पास की तरफ निकला तो वहां हालात और अधिक खराब थे। तरंग ओवरब्रिज से निकलने की कोशिश की। बाबीना होटल के सामने मानो नदी बह रही थी। तमाम परेशानियों के बीच तरंग ओवरब्रिज के नीचे लाया। आधा घंटा वहीं खड़ा रहा। कहीं किसी तरफ निकलने का रास्ता नहीं सूझ रहा था।
सामान्यतया सोनौली रोड पर गोरखनाथ के आसपास पानी नहीं लगता है, लेकिन शनिवार शाम तो तीन फीट पानी जमा था, पानी में लहरें थीं, जिन्हें देखकर ही डर लग रहा था। आधा घंटा इसी उधेड़बुन में बीता कि अभी पहले खुद को सुरक्षित कर लूं। आगे बढ़ा तो धर्मशाला पुल के नीचे करीब चार फिट पानी में फंसा। पीछे देखा तो होश उड़ गए, पीछे भी उतना ही पानी। आगे-पीछे करीब दो सौ मीटर तक पानी ही पानी।

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बीच में राहगीर, जो कहीं अपनी मंजिल पर पहुंचने को परेशान थे। यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि क्या इन रास्तों से कोई परिचय भी रहा है। छह बजे के आसपास बारिश धीमे हो चुकी है, लेकिन, धर्मशाला ओवरब्रिज, हाता गली, सिंधी गली, तरंग के नीचे और बाबीना रोड, सभी जगह जलजमाव से ट्रैफिक ठप था।
हर कोई एक दूसरे से पूछ रहा है कि भाईसाहब किधर से निकलें। किसी को आता देखकर लोग पूछ रहे हैं कि भाई साहब आप आ रहे हैं या जा रहे हैं। पता चलता है कि सड़क पर लगा कई फीट पानी देखकर वापस आ रहे हैं। आठ बजे तक हालात ऐसे ही थे।
