गोरखपुर में बारिश के बाद तैरने लगा सामान, 'बाबू गुलाब राय' बन गए राम मनोहर
गोरखपुर में भारी बारिश के कारण कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है, जिससे घरों में पानी घुस गया और ...और पढ़ें

गोलघर में तेज वर्षा के बीच आते जाते लोग। संगम दूबे
HighLights
गोरखपुर में भारी बारिश से कई मोहल्लों में जलभराव।
घरों में पानी घुसने से सामान तैरने लगा, लोग परेशान।
राम मनोहर की स्थिति बाबू गुलाब राय की कहानी जैसी।
नवनीत प्रकाश त्रिपाठी, गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र के रसूलपुर भट्ठा निवासी राम मनोहर शनिवार को सुबह से ही हो रही बारिश की वजह से पूरे दिन छोटे से घर के एक हिस्से में पत्नी ओर दो बच्चों के साथ दुबके रहे। उन्हें उम्मीद थी कि दोपहर बाद पानी थम जाएगा, लेकिन शाम होते-होते वर्षा ने विकराल रूप धारण कर लिया। पहले घर के आसपास गलियों और रास्तों में पानी भरा। बाद में मुख्य दरवाजे की चौखट लांघकर पानी घर के अंदर आ गया।
देखते ही देखते कमरे में रखा सारा सामान पानी में तैरने लगा। परिवार के लोगों ने फिलहाल कमरे में रखे तख्त पर शरण ले रखी है, लेकिन घर में घुस आए बारिश के पानी की वजह से राम मनोहर और उनके परिवार की हालत साहित्यकार बाबू गुलाब राय की व्यांगात्मक कहानी "नर से नारायण" के पात्र जैसी होकर रह गई है।
यह स्थिति सिर्फ राम मनोहर की ही नहीं, बल्कि शहर के करीब-करीब हर मोहल्लों में रहने वाले लोगों की है। वर्षो पहले बाबू गुलाब राय ने आत्मकथात्मक शैली में यह व्यंग्य लिखा था। इस कहानी का पात्र बाबु गुलाब राय ने खुद को ही बनाया है, जो एक गांव में रहता है। दिन में शुरू हुई मूसलधार बारिश की वजह से कहानी का पात्र कहीं निकल नहीं पाता और रात होने पर घर का दरवाजा बंद कर सो जाता है।
रात में जब उसकी नींद खुलती है तो घर में पानी भरा रहता है। उसकी चारपाई भी पानी में डूब गई होती है। अपने चारों तरफ पानी और ऐसी हालत में कुछ भी न कर पाने की अपनी बेबसी पर तंज करता है। इस कहानी के बहाने बाबू गुलाब राय गांव की जलनिकासी की व्यवस्था और प्रबंधन पर कड़ा प्रहार करते हैं।
सड़क पर गाड़ियां, खुद अपने घर में कैद
वर्षा ने दाउदपुर, इंदिरानगर, सिद्धार्थ इन्क्लेव, तारामंडल जैसे इलाकों का बुरा हाल कर दिया है। लोगों को अपनी महंगी गाड़ियां सड़क पर ऊंचे स्थान पर खड़ी करनी पड़ीं। जिनके घर दो मंजिला हैं उन्होंने तो ऊपरी मंजिल पर शरण ले ली है, लेकिन कई मोहल्लों में जिनके घर एक मंजिल के हैं, उनको कमर से ऊपर तक भरे पानी की वजह से सुरक्षित स्थान तलाश करनी पड़ रही है।
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जर्जर और पुराने घरों में रह रहे लोगों को दूसरी ही चिंता खाए जा रही है। भारी बारिश की वजह से घर गिरने की आशंका से वे अंदर रात गुजारने से डर रहे हैं। शहर के तिवारीपुर, राजघाट, इलाहीबाग, माधवपुर जैसे निचले इलाके ही नहीं विजय चौक, धर्मशाला बाजार, तरंग सिनेमा के आसपास का इलाका, दुर्गाबाड़ी, बिलंदपुर, दाऊदरपुर सहित करीब-करीब सभी मोहल्ले वर्षा के पानी से जलमग्न हो गए हैं।
