गोरखपुर के गजरहिया में तीन मौतों के बाद फूटा बदहाली का गुस्सा, बदहाल रास्ते ने खोली विकास के दावों की पोल
गोरखपुर के गजरहिया टोले में पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खराब ...और पढ़ें

पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत के बाद रविवार को गजरहिया टोले में कच्ची सड़क समेत मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
HighLights
गजरहिया टोले में पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत।
खराब रास्ते के कारण बचाव कार्य में हुई बाधा।
ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर किया प्रदर्शन।
संवाद सूत्र, करमैनी घाट (गोरखपुर)। लक्ष्मीपुर द्वितीय ग्राम पंचायत के गजरहिया टोले में शनिवार को राजेंद्र प्रजापति की झोपड़ी पर पुराना साखू का पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत के बाद रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया।
हादसे के बाद कच्चे और बारिश से बदहाल रास्ते के कारण राहत-बचाव में हुई परेशानी ने ग्रामीणों को आंदोलित कर दिया। घायलों और मृतकों को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने रविवार को कच्चे रास्ते पर प्रदर्शन कर गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग उठाई।
शनिवार की शाम को गजरहिया टोले में राजेंद्र प्रजापति की झोपड़ी पर साखू का पेड़ गिर गया था। पेड़ की चपेट में आने से 50 वर्षीय सुभाष साहनी, 45 वर्षीय ज्ञानमती साहनी और 14 वर्षीय किशन प्रजापति की मौत हो गई थी। 38 वर्षीय सिरजावती देवी और 50 वर्षीय श्याम मिलन घायल हुए थे।
पेड़ गिरने के बाद ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला। लेकिन गांव तक पक्का रास्ता नहीं होने और बारिश के कारण कच्चे रास्ते के कीचड़ में बदल जाने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शवों और घायलों को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।
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ग्रामीणों का कहना है कि पक्का रास्ता होता तो एंबुलेंस और दूसरे वाहन सीधे घटनास्थल तक पहुंच सकते थे। ग्रामीणों के अनुसार गजरहिया टोले में 400 से अधिक घर हैं और करीब पांच से छह हजार की आबादी है। इसके बावजूद मुख्य मार्ग से टोले तक पक्की सड़क नहीं है। बरसात में रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। शनिवार की घटना में इसी रास्ते से राहत पहुंचाने और घायलों को बाहर ले जाने में परेशानी हुई। टोले के अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन से जुड़े हैं। ग्रामीण सब्जियां लेकर इसी रास्ते से मोदीगंज मंडी जाते हैं।
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गांव के वीरेंद्र प्रजापति, राजाराम निषाद, प्रकाश प्रजापति, रामभवन साहनी, नरेंद्र साहनी, आदित्य विश्वकर्मा, मुकेश साहनी और राजाराम शर्मा का कहना है कि बारिश के दिनों में कीचड़ के कारण बाइक और साइकिल सवार अक्सर फिसलते हैं। बच्चों के स्कूल आने-जाने में भी परेशानी होती है और स्कूल वाहन टोले तक नहीं पहुंचते। पक्के सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही है।
