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गोरखपुर में जमीन विवाद में ट्रालर मालिक ने की खलासी की हत्या, सीसीटीवी से हुआ खुलासा

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:17 AM (IST)

कैंपियरगंज पुलिस ने मझौना गांव में मिले सड़े-गले शव की पहचान ट्रालर खलासी मनीष कुमार के रूप में की। जमीन ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. मझौना गांव में मिला सड़ा-गला शव, सिर गायब था।

  2. ट्रालर खलासी मनीष कुमार की पहचान, जमीन विवाद बना कारण।

  3. सीसीटीवी फुटेज से ट्रालर मालिक आशुतोष मिश्रा गिरफ्तार, जेल भेजा गया।

संवाद सूत्र, नेतवर बाजार (गोरखपुर)। 16 दिन पहले कैंपियरगंज के मझौना गांव के बाहर सड़क किनारे झाड़ियों में मिले सड़े-गले शव की पहचान हो गई। पुलिस ने उसकी पहचान मझौना निवासी 20 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में की और वह ट्रालर का खलासी थी। जमीन बेचने में भाई का साथ देने के शक में गांव के ट्रालर मालिक ने उसकी हत्या कर शव फेंका था। सीसी कैमरे के फुटेज से पहचान के बाद पुलिस ने आरोपित ट्रालर मालिक 22 वर्षीय आशुतोष मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

दो सितंबर को मझौना गांव के बाहर सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े शव को कुत्तों द्वारा नोंचते देख ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी गई थी। शव सड़ा-गला था, सिर भी गायब था, जिससे तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही पहचान कराने के प्रयास शुरू किए।

सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि गांव का एक युवक लापता है। आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की पड़ताल की। जिसमें ट्रालर खलासी मनीष कुमार के रूप में पहचान हुई।

आगे की जांच करने पर पता चला कि उसकी हत्या करने वाला भी गांव का है जिसकी गाड़ी पर वह खलासी का काम करता था। फिर पुलिस ने आरोपित आशुतोष मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि भाई की ओर से अपने हिस्से की कुछ जमीन बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसमें गांव का मनीष भी सहयोग कर रहा था।

इसकी जानकारी होने पर उसने भाई को जमीन बेचने से मना किया। नहीं मानने और खलासी द्वारा सहयोग किए जाने पर उसने योजना बनाई। आरोपित ने अपने ट्रालर के खलासी मनीष से घर छोड़ने के लिए कहा।

मनीष उसे घर छोड़ने के बजाय कैम्पियरगंज तहसील लेकर पहुंच गया। वहां जांच के बाद दोनों गांव लौट आए। फिर अगले दिन आरोपित ने मनीष को घर से बुलाया और कैम्पियरगंज स्थित माडल शाप पर ले गया, जहां उसे शराब पिलाई। इसके बाद गांव के बाहर सुनसान सड़क किनारे झाड़ियों में ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव वहीं फेंककर घर चला गया।

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सीसी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपित को चिह्नित किया। सीओ ने बताया कि हत्या के पीछे जमीन की बिक्री में मनीष के सहयोग करने का शक सामने आया है। इसी बिंदु को आधार बनाकर पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया है।

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