गोरखपुर में सड़क पर गिरे तार की चपेट में आया किशोर, तड़पकर मौत; हंगामा
गोरखपुर में सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक किशोर की मौत हो गई। नागरिकों ...और पढ़ें

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HighLights
सड़क पर गिरे बिजली के तार से किशोर की मौत।
बिजली विभाग की लापरवाही से हुई घटना का आरोप।
नाराज नागरिकों ने राप्तीनगर उपकेंद्र पर किया हंगामा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े भाऊ राव देवरस कॉलोनी में शनिवार सुबह 10 बजे बड़ा हादसा हो गया। यहां सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से साइकिल सवार 11 वर्षीय हेमराज यादव की मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि तार गिरने की सूचना बिजली निगम के अभियंताओं को तत्काल दी गई थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। किशोर उधर से गुजरा और तार की चपेट में आ गया।
किशोर की मौत से नाराज नागरिकों ने राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र को घेर लिया है। वहां हंगामा चल रहा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में भी परिजन हंगामा कर रहे हैं। बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर केस करने की मांग की जा रही है। जो कर्मचारी उपकेंद्र के बाहर थे वह भाग गए हैं। उपकेंद्र के अंदर कुछ कर्मचारी फंसे हुए हैं। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। नगर निगम के पार्षद चंदू पासवान ने बताया कि बिजली निगम के अभियंताओं की लापरवाही के कारण किशोर की जान गई है।
दूसरों के घर में काम करती है मां
हेमराज यादव की मां दूसरों के घरों में चौका-बर्तन कर जीवनयापन करती है। किशोर की मौत की जानकारी के बाद पूरा परिवार बेसुध है।
कुछ महीने पहले ट्रांसफार्मर हुआ था चोरी
राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दो कालोनियों में कुछ महीने पहले चार सौ केवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर चोरी हुए थे। दैनिक जागरण ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद तत्कालीन जेई मोहनलाल को निलंबित कर दिया गया था। अभियंताओं ने पूरे इलाके में बढ़िया आपूर्ति का दावा किया था।
अनुरक्षण माह चल रहा है, चली गई जान
बिजली के तार पोल सही करने और अन्य दिक्कतों को दूर करने के लिए बिजली निगम ने एक सितंबर से 30 सितंबर तक अनुरक्षण माह शुरू किया है। अभियंताओं का दावा है कि अनुरक्षण माह में सभी कमियों को तेजी से दूर किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि बिजली का तार टूट कर सड़क पर गिरा है और घंटों इसे सही नहीं किया गया। इसी तार ने एक बच्चे की जान ले ली।
