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जागरण एजेंडा: गोरखपुर में लाखों खर्च कर बनाया डिवाइडर, जलभराव पर 16 जगह तोड़कर निकाला पानी

Published: Sat, 26 Sep 2026 11:49 AM (IST)

गोरखपुर में सिक्सलेन फ्लाईओवर के नीचे लाखों खर्च कर लगाए गए डिवाइडर में तीन दिन की बारिश के बाद जलभराव ...और पढ़ें

सिक्सलेन फ्लाईओवर से पानी गिरने के कारण जलभराव,डिवाइडर तोड़ कर निकाला जा रहा पानी। जागरण

सिक्सलेन फ्लाईओवर से पानी गिरने के कारण जलभराव,डिवाइडर तोड़ कर निकाला जा रहा पानी। जागरण


HighLights

  1. बारिश से गोरखपुर फ्लाईओवर डिवाइडर के नीचे जलभराव।

  2. जल निकासी हेतु पीडब्ल्यूडी ने 16 जगह डिवाइडर तोड़ा।

  3. सड़क पर कीचड़, बाइक सवारों को आवागमन में दिक्कत।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। देवरिया बाइपास तिराहा से ट्रांसपोर्ट नगर तक यातायात सुचारु करने के लिए बनाए गए सिक्सलेन फ्लाइओवर के नीचे लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए डिवाइडर की खामियां तीन दिन की बारिश में सामने आ गईं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से फ्लाइओवर से गिरने वाला पानी डिवाइडर के बीच जमा हो गया।

पानी निकालने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को डिवाइडर को 16 स्थानों पर तोड़ना पड़ा। इससे सड़क पर मलबा और कचरा फैल गया है। कट वाले स्थानों पर पीचिंग नहीं होने से कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई है, जिससे बाइक सवारों को परेशानी हो रही है।

देवरिया बाइपास तिराहा से ट्रांसपोर्ट नगर तक लगने वाले जाम को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने सिक्सलेन फ्लाइओवर का निर्माण कराया। 2.6 किलोमीटर लंबे फ्लाइओवर के निर्माण पर करीब 429.49 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके निर्माण का उद्देश्य बाहर जाने वाले वाहनों को फ्लाइओवर से निकालना और नीचे के मार्ग पर यातायात को सुचारु करना था।

फ्लाइओवर के लोकार्पण के बाद पीडब्ल्यूडी ने देवरिया बाइपास मार्ग से ट्रांसपोर्ट नगर तक घनी आबादी वाले पूरे मार्ग पर डिवाइडर लगा दिया। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि फ्लाइओवर से यातायात सुगम होने की उम्मीद थी, लेकिन डिवाइडर के कारण स्थानीय आवागमन में दिक्कत बढ़ गई है।

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स्थानीय लोगों अजीत तिवारी, भानू प्रताप सिंह, पूनीत धर दुबे, दिपक जायसवाल समेत अन्य लोगों ने कहा पहले मार्ग पर जाम की समस्या थी, लेकिन सड़क के दोनों ओर से सवारी आसानी से मिल जाती थी। अब दूसरी लेन में पहुंचने के लिए करीब 800 मीटर पैदल चलना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्थानीय दुकानदारों को अधिक परेशानी होती है। बारिश ने डिवाइडर निर्माण में जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोगों का कहना है कि निर्माण के समय पानी की निकासी और स्थानीय यातायात की सुविधा का पर्याप्त ध्यान रखा जाता तो डिवाइडर तोड़कर पानी निकालने की नौबत नहीं आती। अब जगह-जगह तोड़े गए हिस्सों से निकलने वाले पानी के साथ सड़क पर मलबा फैल गया है। लोगों ने मार्ग की स्थिति सुधारने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

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पीडब्ल्यूडी के साथ शुक्रवार को देवरिया बाइपास तिराहा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक बने डिवाइडर की जांच की गई है। जिन जगहों पर कट बनाने की जरूरत है, उसे चिन्हित किया गया है। संयुक्त बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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-अमित श्रीवास्तव, एसपी यातायात