गोरखपुर के सुमेर सागर में उतरा निगम का बैकहो लोडर, हटाया 10 डंपर मलबा
नगर निगम ने गोरखपुर के सुमेर सागर ताल में सफाई अभियान शुरू किया, जिसमें 10 डंपर मलबा हटाया गया और ...और पढ़ें
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सफाई अभियान के साथ कचरा फेंकने और वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई। जागरण
HighLights
नगर निगम ने सुमेर सागर में सफाई अभियान चलाया।
10 डंपर मलबा और मिट्टी हटाई गई।
अवैध मलबा फेंकने और पार्किंग पर जुर्माना लगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नगर निगम ने शनिवार को सुमेर सागर ताल क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू की। दो बैकहो लोडर और चार हाईवा डंपरों की मदद से करीब 10 डंपर मलबा और मिट्टी हटाई गई। कार्रवाई के दौरान ताल क्षेत्र में मलबा गिराने और अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया।
सुमेर सागर ताल की बदहाली और वहां कूड़ा-मलबा फेंके जाने की समस्या को दैनिक जागरण ने 14 अक्टूबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगर निगम की इस पहल से लंबे समय से उपेक्षा का शिकार सुमेर सागर की सफाई और संरक्षण की उम्मीद जगी है।
सहायक नगर आयुक्त तपन मिश्रा और सफाई निरीक्षक राज विजय की निगरानी में चले अभियान के दौरान हुमायूंपुर के जागेसर पासी चौराहा निवासी हीरालाल प्रसाद को वाहन से मलबा गिराते हुए पकड़ा गया। उस पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। लिखित माफीनामा देने के बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं, अवैध रूप से वाहन खड़ा करने पर दानिश से 1000 रुपये और संजय कुमार सिंह से 2000 रुपये जुर्माना वसूला गया। नगर निगम ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ताल क्षेत्र में कूड़ा-मलबा डालने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
कब्जामुक्त जमीन पर फिर कूड़े का ढेर, संरक्षण के अभाव में बिगड़ी स्थिति
वार्ड संख्या 48 में स्थित सुमेर सागर कभी करीब 22 एकड़ में फैला विशाल प्राकृतिक जलस्रोत था। पिछले दो दशकों में अवैध सड़क, गोदाम और मकान बनाकर इसके बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया। वर्ष 2020 में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सात अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की थी। तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में अभियान चलाकर करीब 18 एकड़ भूमि कब्जामुक्त कराई गई और अधिकांश अवैध वाणिज्यिक निर्माण ध्वस्त किए गए।
इसके बावजूद सुरक्षा और नियमित निगरानी के अभाव में ताल की जमीन दोबारा कूड़ा डंपिंग स्थल बन गई। यहां शहर का कचरा और अस्पतालों का अपशिष्ट फेंके जाने से दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। दैनिक जागरण ने 14 अक्टूबर को प्रकाशित खबर में इस बदहाली को सामने लाते हुए ताल की सफाई, संरक्षण और सुंदरीकरण की जरूरत रेखांकित की थी।
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27 करोड़ की पर्यटन परियोजना अटकी, अब नए सिरे से विकास की उम्मीद
सितंबर 2023 में करीब 18.5 एकड़ क्षेत्र में फैले सुमेर सागर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 27 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई थी। इसमें फूड कोर्ट, म्यूजिकल फाउंटेन और 1.437 किलोमीटर लंबा जागिंग ट्रैक बनाने की योजना थी। मेसर्स प्रभा कंस्ट्रक्शन का चयन कर कचरा और मलबा हटाने का काम भी शुरू कराया गया था, लेकिन धन की व्यवस्था नहीं होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब नगर निगम की सफाई कार्रवाई के बाद ताल के संरक्षण और विकास को लेकर नई पहल की उम्मीद बढ़ी है।
