गोरखपुर में खुलेगा कौशल प्रशिक्षण केंद्र, युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार प्रशिक्षण
गोरखपुर में युवाओं को कुशल बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए गीडा सेक्टर 26 में सरदार वल्लभ भाई पटेल ...और पढ़ें

गीडा सेक्टर 26 में 15 एकड़ भूमि चिह्नित। जागरण
HighLights
गीडा में 15 एकड़ भूमि पर कौशल केंद्र स्थापित।
युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
रोजगार के लिए हॉस्टल, प्लेसमेंट सेल सुविधा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश को कुशल कामगारों का प्रमुख केंद्र बनाने और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में गोरखपुर को एक बड़ी सौगात मिली है। शासन की योजना के अंतर्गत गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने सेक्टर 26 में लगभग 15 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभ भाई पटेल कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके निर्माण पूरा होने तक गीडा प्रशासन किसी बिल्डिंग में अस्थाई रूप से केंद्र का संचालन शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।
इस केंद्र की स्थापना से पूर्वांचल के युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। गीडा में औद्योगिक इकाइयों की मजबूत मौजूदगी को देखते हुए यहां प्रशिक्षण और रोजगार के बीच एक सीधा व प्रभावी तालमेल विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे।
इस महत्वाकांक्षी केंद्र के शुरू होने से न केवल स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारी मिलेंगे, बल्कि यह पूर्वांचल में रोजगार आधारित औद्योगिक विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति देने वाला साबित होगा।
जल्द संचालन के लिए बिल्डिंग की तलाश तेज
गीडा प्रशासन इस परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयारी कर चुका है। केंद्र के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए सेक्टर 26 में 15 एकड़ भूमि को चिह्नित कर लिया गया है। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने में लगने वाले समय को देखते हुए शासन की मंशा है कि युवाओं को प्रशिक्षण देने का काम बिना किसी देरी के शुरू किया जाए। इसी योजना के तहत गीडा के आसपास किसी बिल्डिंग की तलाश की जा रही है, ताकि वहां तुरंत अस्थाई रूप से केंद्र का संचालन शुरू किया जा सके।
इसके सुचारू संचालन और रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग और गीडा प्रशासन के बीच लगातार उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है। दोनों विभाग मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जिससे उद्योगों की तात्कालिक और भविष्य की जरूरतों के अनुसार युवाओं को ढाला जा सके।
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण
प्रस्तावित मेगा केंद्र में आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को डिजाइन किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) तकनीक, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) और लाजिस्टिक्स जैसे उभरते हुए क्षेत्रों पर विशेष जोर रहेगा।
गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि (मानविकी व वाणिज्य) के छात्रों के लिए बुनियादी कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी, तो वहीं आइटीआइ, पालिटेक्निक और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले युवाओं के लिए उनके कौशल को और निखारने (अपस्किलिंग) की व्यवस्था की जाएगी।
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कैंपस में ही हास्टल और प्लेसमेंट सेल की सुविधा
इस परियोजना को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें सेक्टर की अग्रणी और प्रतिष्ठित निजी संस्थाओं को भागीदार बनाया जाएगा। दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षुओं की सहूलियत के लिए परिसर में अत्याधुनिक हास्टल (छात्रावास) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रोजगार दिलाने के लिए प्लेसमेंट सेल और सेवायोजन कार्यालय का विस्तार काउंटर स्थापित किया जाएगा।
कौशल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप दक्ष बनाने में मदद मिलेगी। गीडा में औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी के कारण प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय की संभावनाएं हैं। एमएसएमई विभाग के साथ लगातार वार्ता चल रही है। केंद्र के निर्माण के लिए स्थायी भूमि चिह्नित कर ली गई है, लेकिन योजना को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए गीडा के आसपास किसी उपयुक्त बिल्डिंग की भी तलाश की जा रही है। साथ ही किस मोड में इसका संचालन होना है, इस पर भी जल्द निर्णय होना है।
