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गोरखपुर बस हादसे में बड़ा खुलासा, चालक के पास नहीं था हैवी लाइसेंस

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:03 AM (IST)

गोरखपुर के पिपराइच में स्कूली बस की चपेट में आने से पांच वर्षीय हिमांशु निषाद की मौत के मामले में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पांच वर्षीय हिमांशु निषाद की स्कूली बस से कुचलकर मौत।

  2. बस चालक मनोज चौहान के पास हैवी लाइसेंस नहीं था।

  3. पुलिस और परिवहन विभाग मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

संवाद सूत्र, पिपराइच, (गोरखपुर)। नैयापार बुजुर्ग गांव में स्कूली बस की चपेट में आने से पांच वर्षीय हिमांशु निषाद की मौत के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हादसे के समय बस चला रहे बताए जा रहे मनोज चौहान के पास हैवी वाहन का लाइसेंस नहीं था।

उसके पास एलएमवी लाइसेंस होने की बात सामने आई है, जबकि स्कूली बस चलाने के लिए संबंधित श्रेणी का वैध वाणिज्यिक लाइसेंस जरूरी है। पुलिस अब मनोज के लाइसेंस की जानकारी जुटाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय बस की स्टेयरिंग किसके हाथ में थी।

शनिवार को हुए हादसे के बाद हिमांशु की मां सोनी देवी की तहरीर पर दर्ज एफआइआर में मनोज चौहान को बस चालक बताया गया है। वहीं, विद्यालय प्रबंधन इससे अलग दावा कर रहा है। प्रबंधक संतोष चौहान का कहना है कि हादसे के दिन बस उनके भाई अजय चौहान चला रहे थे। उनके पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस है।

मनोज बस का परिचालक है और उसके पास लर्निंग लाइसेंस होने की बात प्रबंधन ने जांच टीम के सामने कही है। प्रबंधन के अनुसार हादसे वाले दिन मनोज रास्ते में उतर गया था। नैयापार बुजुर्ग के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने बताया कि बस कभी मनोज तो कभी अजय चलाते थे। दोनों विद्यालय प्रबंधक के भाई हैं, इसलिए हादसे के समय बस कौन चला रहा था, इसकी वह पुष्टि नहीं कर सकते।

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विवेचक एसएसआइ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि एफआइआर के मुताबिक बस मनोज चला रहा था। प्रबंधन की ओर से चालक को लेकर पुलिस को अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। चालक के लाइसेंस को लेकर अब पुलिस और परिवहन विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि मनोज ही बस चला रहा था और उसके पास स्कूली बस चलाने के लिए वैध हैवी वाणिज्यिक लाइसेंस नहीं था तो उसकी भूमिका के साथ स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आएगी।

पुलिस गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धारा में कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। हिमांशु की मौत के तीसरे दिन मंगलवार को भी एसडी पब्लिक स्कूल चिलबिलवां बंद रहा। प्रबंधन के अनुसार 18 सितंबर से शिक्षण कार्य शुरू होगा। बीएसए के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने विद्यालय पहुंचकर प्रबंधक संतोष चौहान से घटना और बस संचालन से जुड़ी जानकारी ली।

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टीम में बीईओ सबिस्ता परवीन, बीईओ नगर मनोज सिंह और बीईओ खजनी सावन दूबे शामिल रहे। अधिकारियों ने विद्यालय में 364 बच्चों और 16 शिक्षकों की जानकारी भी जुटाई। हादसे के बाद ग्रामीणों के आक्रोश का केंद्र बनी शिक्षिका रानी मिश्रा विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या हैं। टीम ने नैयापार बुजुर्ग पहुंचकर हिमांशु की मां सोनी देवी, दादी बासमती और बाबा स्वामीनाथ से भी घटना की जानकारी ली।

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