गोरखपुर RTO दफ्तर में मची सनसनी, वाहनों के वजन में धांधली पर आत्मदाह करने पहुंचा ट्रांसपोर्टर
गोरखपुर में वाहनों के ग्रास व्हीकल वेट में अनियमितता के विरोध में एक ट्रांसपोर्टर ने आरटीओ कार्यालय पर आत्मदाह का ...और पढ़ें
HighLights
ट्रांसपोर्टर ने वाहनों के वजन अनियमितता पर आत्मदाह का प्रयास किया।
आरटीओ अधिकारी ने एक सप्ताह में समस्या सुधारने का आश्वासन दिया।
आरटीआई से खुलासा हुआ था वाहनों के बढ़े हुए वजन का।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। वाहनों के अधिकृत वजन ग्रास व्हीकल वेट (जीवीडब्लू-वाहन का कुल वजन) में चल रही अनियमिता के विरोध में ट्रासंपोर्टर मृत्युंजय ठाकुर गुरुवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ दफ्तर) कार्यालय गीडा आत्मदाह करने पहुंच गए। आत्मदाह से रोकने के लिए गीडा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने उन्हें ट्रकों का एक सप्ताह के अंदर ग्रास व्हीकल वेट दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद उन्होंने आत्मदाह का निर्णय वापस लिया।
बसडीला बुजुर्ग, तमकुहीराज-कुशीनगर निवासी मृत्युंजय ठाकुर का आरोप है कि परिवहन विभाग ने कुछ ट्रांसपोर्टरों का बिना नियम के मनमाने ढंग से 116 ट्रकों का ग्रास व्हीकल वेट बढ़ा दिया है। जबकि, कुछ ट्रांसपोर्टरों का ग्रास व्हीकल वेट कम कर दिया है। ग्रास व्हीकल वेट दुरुस्त कराने के लिए परिवहन विभाग और जिलाधिकारी से शिकायत की गई है, पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। थकहार कर उन्होंने आरटीओ दफ्तर पर आत्मदाह का निर्णय लिया है।
दरअसल, परिवहन विभाग के इस खेल का खुलासा सूचना का अधिकार (आरटीआइ) में हुआ। दैनिक जागरण ने छह जनवरी 2026 के अंक में '173 वाहनों का बढ़ा दिया ग्रास व्हीकल वेट' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था। आरटीआइ के अनुसार 30 अगस्त, 2023 को ट्रक यूपी 53 एफटी 2349 का ग्रास व्हीकल वेट 49 टन से बढ़ाकर 51 टन कर दिया गया।
एक सितंबर, 2023 को यूपी 53 एफटी 2358 का. वजन भी बढ़ा दिया था। देवरिया के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी भी अपने हिसाब से ट्रकों का कुल वजन बढ़ाते रहे। उन्होंने यूपी 52 बीटी 2329 और यूपी 52 बीटी 2330 दोनों ट्रकों का पंजीयन के समयं 'दर्ज 47,500 किलो ग्रास व्हीकल वेट बढ़ाकर 53,500 किलो तक कर दिया। यूपी 53 केटी 9546 का पंजीकरण के समय 49,000 किलो ग्रास व्हीकल वेट दर्ज होने के बावजूद उसे बढ़ाकर 51,000 किलो कर दिया।
इसी दिन यूपी 53 केटी 9547; 9548 व 9549 तीन और ट्रकों का वजन 49 टन से थे। यह वजन परिवहन मंत्रालय द्वारा तय अधिकतम भार क्षमता से काफी अधिक है। गोरखपुर मंडल में वजन बढ़ाकर चल रहे सैकड़ों 16 चक्का ट्रक सड़क खराब तो कर ही रहे, हर पल दुर्घटना को भी दावत दे रहे हैं। मामला प्रकाश में आया तो उप परिवहन आयुक्त (वाराणसी परिक्षेत्र) ने मामले की जांच कराई थी। इस मामले में भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई थी।
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दो साल से दो टन माल अधिक लेकर चल रहे 116 ट्रक
16 चक्का ट्रक दो तरह के आते हैं। एक का ग्रास व्हीकल वेट 47.50 टन होता है। दूसरे का ग्रास व्हीकल वेट 49 टन होता है। ट्रक नियमानुसार ग्रास व्हीकल वेट से अधिक वजन लेकर नहीं चल सकते। परिवहन विभाग ने नियमों को ताक पर रख 49 टन वाले 116 ट्रकों का ग्रास व्हीकल वेट बढ़ाकर 51 टन कर दिया है। यह सभी ट्रक दो साल से प्रत्येक फेरे ट्रिप में दो टन अधिक माल लेकर चल रहे हैं। वजन बढ़ाकर व्यापारियों से अधिक भाड़ा वसूल रहे हैं। इससे सड़क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
