जागरण एजेंडा: गोरखपुर में सड़क सुरक्षा के दावे हवा-हवाई, अंधेरे और अव्यवस्थाओं में सफर
गोरखपुर में सड़क सुरक्षा के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं, जहां खराब स्ट्रीट लाइटें, अधूरे कट और संकेतकों की ...और पढ़ें

कालेसर-लखनऊ फोरलेन पर बने कट पर नहीं है संकेतक और सफेद पट्टी। जागरण
HighLights
खराब स्ट्रीट लाइटें और अधूरे सड़क कट बने खतरा।
संकेतकों की कमी से रात में दुर्घटनाओं की आशंका अधिक।
ठंड और कोहरे से पहले सुरक्षा उपाय नदारद, लोग चिंतित।
जितेन्द्र पाण्डेय, गोरखपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं। कहीं स्ट्रीट लाइटें वर्षों से खराब हैं तो कहीं सड़क पर बने कट और अधूरे निर्माण वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। कई स्थानों पर न तो दिशा सूचक बोर्ड हैं और न ही सफेद पट्टियां। पुलों और डायवर्जन के पास पर्याप्त संकेतक नहीं होने से रात में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ठंड और कोहरे के मौसम से पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दुर्घटनाएं रोकने की योजनाएं बनाई गईं, लेकिन मार्गों पर इनका असर नजर नहीं आ रहा है।
गोरखपुर-सहजनवा फोरलेन पर जगह-जगह बने कट और डायवर्जन परेशानी बढ़ा रहे हैं। गोरखपुर-सहजनवा मार्ग पर पुराने कट बंद कर दुर्घटना रोकने की कवायद हुई, लेकिन नए कट समस्या बन गए हैं, कई स्थानों पर रोशनी और संकेतकों की कमी है।
हाईवे पर मगहर सीमा से जीरो प्वाइंट तक करीब आधा दर्जन कट हैं। कसरवल, भीटी रावत और रहीमाबाद में पर्याप्त संकेतक और प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात में चालकों को कट का पता देर से चलता है। पिछले वर्ष घने कोहरे के दौरान इन मार्गों पर कई दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें लोगों की जान गई थी।
वहीं, गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर लगी स्ट्रीट लाइटें खराब होने के बाद ठीक नहीं कराई गई हैं। कसिहार से कौड़ीराम के बीच करीब तीन किलोमीटर तक स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। कसिहार में अंडरपास नहीं होने से सड़क पार करने के दौरान हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां एक वर्ष में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। डवरपार और हाटा गांव मोड़ पर भी अंधेरा और अंडरपास की कमी परेशानी बढ़ाती है।
पिपराइच और खोराबार क्षेत्र में एनएच-28 के कोनी तिराहे और बसडीला गांव के पास रोशनी का अभाव है। निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कारण खतरा और बढ़ गया है। पीपीगंज क्षेत्र में जंगल कौड़िया से बंजरा टोला तक भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। गोला-बड़हलगंज और खजनी-उरुवा सहित रामजानकी मार्ग पर निर्माण कार्य जारी है।
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स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों और एनएचएआइ से प्रकाश व्यवस्था, संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त कराने की मांग कई बार कर चुके है। बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जबकि ठंड का मौसम शुरू हो गया है।
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घने कोहरे में ये लापरवाही हादसे का कारण बनेंगे। इस संबंध में एसपी नार्थ राजेश घुनावत व एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी ने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय कर कोहरा शुरू होने से पहले फोरलेन पर बने कट और चिन्हित ब्लैक स्पाट पर लाइट के अलावा दुर्घटना को रोकने के लिए काम कराया जाएगा।
