गोरखपुर में आठ घंटे में 1.2 मीटर बढ़ी सरयू, 52 सेंटीमीटर राप्ती
लगातार वर्षा के कारण गोरखपुर में सरयू और राप्ती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि नदियां अभी ...और पढ़ें

नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बढ़ी चिंता। जागरण
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर 8 घंटे में 1.2 मीटर बढ़ा।
राप्ती नदी में भी 52 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज।
बहबोलिया में कटान से ग्रामीण चिंतित, बंधे की सुरक्षा पर सवाल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। लगातार हो रही वर्षा से नदियां उफनाने लगी हैं। सरयू नहीं शनिवार सुबह से शाम चार बजे तक आठ घंटे के बीच में 1.20 मीटर बढ़ गई। राप्ती नदी के जलस्तर में भी 52 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि अभी सभी नदियां खतरे के निशान से एक से दो मीटर तक नीचे हैं। यदि ऐसे ही वर्षा हुई तो आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
कैंपियरगंज क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तीन दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पानी बहबोलिया के पास बंधे से सटकर बहने से कटान को लेकर आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। रिगौली-बेलसर बंधे और उससे सटे गांवों के लोग नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रिगौली के ग्राम प्रधान योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि वर्षा इसी तरह जारी रही और नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो बहबोलिया कटान स्थल पर स्थिति गंभीर हो सकती है। नदी का जलस्तर बढ़ने और बहबोलिया के पास बंधे से सटकर पानी बहने से रिगौली, भैंसला, खजुरगांवा, मिरिहिरिया और मुसाबर गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में बारिश से बचने झोपड़ी में बैठे लोगों पर गिरा मौत का पेड़, तीन की दर्दनाक मौत
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बंधे की सुरक्षा को लेकर निगरानी जरूरी है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बहबोलिया कटान स्थल पर पिछले पांच-छह वर्षों से लगातार अस्थायी बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।
