गोरखपुर में रिंग रोड की जद में आ रहे मकान का आधा हिस्सा गिराया, विवाद गहराया
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने रामगढ़ताल रिंग रोड के निर्माण में बाधा बन रहे एक मकान का आधा हिस्सा ध्वस्त कर ...और पढ़ें
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निर्माण में बाधक ढांचों को हटाने में जुटा जीडीए। जागरण
HighLights
जीडीए ने रिंग रोड के लिए मकान का हिस्सा तोड़ा।
मकान मालिक ने बिना सूचना ध्वस्तीकरण पर नाराजगी जताई।
जीडीए ने पूर्व नोटिस देने का दावा किया है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामगढ़ताल के किनारे मोहद्दीपुर से सहारा एस्टेट तक बन रही ताल रिंग रोड का निर्माण पूरा करने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बाधक निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को पार्वती नगर, महादेव झारखंडी में बांध के पास रिंग रोड की जद में आ रहा एक मकान का करीब आधा हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण के अनुसार रिंग रोड का 90 प्रतिशत काम लगभग पूरा हो चुका है। कुछ अवरोध वाली जगह पर काम बाकी था, जिसे हटाया जा रहा है। निर्माण कार्य में बाधा बन रहा मंदिर भी एक से दो दिन में हटा दिया जाएगा। नई जगह पर शिफ्ट मंदिर में रविवार को मूर्ति की स्थापना होगी , जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी।
ताल रिंग रोड करीब 4.8 किलोमीटर लंबी परियोजना है। इसके पूरा होने से रामगढ़ताल के किनारे आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी।
मकान मालिक ने जताई नाराजगी, कार्रवाई पर उठे सवाल
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से प्रभावित मकान मालिक विकास गुप्ता ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना उनके मकान का आधा हिस्सा तोड़ दिया गया। उनका कहना है कि जेसीबी चलने से मकान का पूरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
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उन्होंने कार्रवाई में मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि बिना पूर्व नोटिस के किसी भी निर्माण को नहीं हटाया गया है। संबंधित निर्माण के संबंध में भी कई बार नोटिस दी गई। बार-बार समय देने के बाद भी निर्माण नहीं हटाया गया जिसपर विभाग को उसे तोड़ना पड़ा ताकि परियोजना समय से पूरी की जा सके।
